पशु चिकित्सक के नहीं रहने से पशुपालक रहे परेशान, बैठक का हवाला देकर नहीं आये अस्पताल

सरकारी कार्यालयों के लिए कहावत है 12 बजे लेट नहीं 2 बजे भेंट नहीं, यह कहावत असरगंज के पशु चिकित्सालय के लिए सटीक बैठती है.
जिला पशुपालन पदाधिकारी की मानें तो नहीं थी कोई बैठक, चिकित्सा पदाधिकारी ने बोला झूठ असरगंज. सरकारी कार्यालयों के लिए कहावत है 12 बजे लेट नहीं 2 बजे भेंट नहीं, यह कहावत असरगंज के पशु चिकित्सालय के लिए सटीक बैठती है. शुक्रवार की दोपहर प्रखंड के दामोदरपुर स्थित प्रथम वर्गीय पशु चिकित्सालय में लगभग तीन बजे पशु चिकित्सक अनुपस्थित पाये गये. जिससे इलाज के लिए पहुंचे पशुपालकों को बिना उपचार कराये ही लौटना पड़ा. हद तो यह रही की चिकित्सक के अनुसार, मुंगेर में बैठक में शामिल होने के लिये वे नहीं आये थे, जबकि पशुपालन पदाधिकारी के अनुसार मुंगेर में शुक्रवार को कोई बैठक ही नहीं थी. हालांकि, अब पशुपालन पदाधिकारी ने मामले में संबंधित पशु चिकित्सक से स्पष्टीकरण पूछने की बात कही है. स्थानीय पशुपालकों का कहना है कि चिकित्सक की अनुपस्थिति के कारण उन्हें समय पर पशुओं का उपचार नहीं मिल पाता है. जिससे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है. इससे यह स्पष्ट होता है कि अस्पताल की कार्यप्रणाली को लेकर विभागीय स्तर पर गंभीरता से निगरानी की आवश्यकता है. ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से नियमित रूप से चिकित्सक की उपस्थिति सुनिश्चित कराने एवं आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है. ताकि पशुपालकों को समुचित उपचार के साथ परामर्श मिल सके. इधर, अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. तस्लीम अनवर से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि वे सुल्तानगंज में हैं और बैठक के सिलसिले में मुंगेर जा रहे हैं. वहीं जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ कमल देव यादव ने बताया कि अस्पताल बंद रहने की सूचना लगातार मिलती रहती है. उन्होंने कहा कि शुक्रवार को मुंगेर में किसी प्रकार की बैठक निर्धारित नहीं थी. मामले को लेकर पशु चिकित्सक से स्पष्टीकरण पूछा जायेगा.
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