गंगा के पानी पर बिहार का हक, सीएम सम्राट ने प्रधानमंत्री से की मांग, बोले- चार महीने नहीं पूरे साल चाहिए पानी

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बिहार के सीएम सम्राट चौधरी ने गंगा जल समझौते को लेकर बिहार के हितों की पुरजोर वकालत की है. उन्होंने कहा कि राज्य को पूरे साल पीने और सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिले, इसके लिए समझौते में बदलाव जरूरी है. उन्होंने प्रधानमंत्री से इस संबंध में आग्रह किया है.

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मुंगेर के गंगटा में गुरुवार को सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के एकीकृत राशि वितरण समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गंगा जल समझौते को लेकर बिहार के हितों की बात उठाई. उन्होंने कहा कि बांग्लादेश के साथ हुए गंगा जल समझौते में बिहार की जरूरतों को ध्यान में रखने की आवश्यकता है, ताकि राज्य को पूरे साल पीने और सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सके.

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चार महीने ही गंगा के पानी के उपयोग पर मुख्यमंत्री ने जताई चिंता

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान जल समझौते के अनुसार बिहार को जुलाई, अगस्त, सितंबर और अक्तूबर यानी चार महीने ही गंगा के पानी का उपयोग करने की अनुमति है. जबकि बिहार जैसे राज्य के लिए गंगा के पानी की जरूरत पूरे साल रहती है. उन्होंने कहा कि पीने और सिंचाई के लिए बारहों महीने गंगा के पानी का उपयोग किया जा सके, इसके लिए व्यवस्था में बदलाव जरूरी है.

प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री से आग्रह करने की बात कही

सम्राट चौधरी ने कहा कि उन्होंने इस मुद्दे पर अपनी भावना से केंद्र सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री को अवगत करा दिया है. उनका कहना है कि गंगा जल के उपयोग से बिहार को लंबे समय तक लाभ मिल सके, इसके लिए राज्य के हितों को जल समझौते में उचित स्थान मिलना चाहिए.

नदियों के सिस्टम को दुरुस्त करने पर भी दिया जोर

 2. लाभूक को चेक प्रदान करते मुख्यमंत्री  | Prabhat Khabar Network
लाभुक को चेक प्रदान करते मुख्यमंत्री. | Prabhat Khabar Network

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान केवल राहत और बचाव कार्य से नहीं हो सकता. इसके लिए राज्य की नदियों के पूरे सिस्टम को व्यवस्थित करने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि गंगा, बूढ़ी गंडक और कोसी जैसी नदियां हर साल बड़ी आबादी के लिए परेशानी का कारण बनती हैं.

बक्सर से सुलतानगंज तक गंगा की चौड़ाई का दिया उदाहरण

मुख्यमंत्री ने गंगा की चौड़ाई का उदाहरण देते हुए कहा कि बक्सर में बिहार में प्रवेश के समय गंगा की चौड़ाई करीब चार किलोमीटर है. पटना में यह बढ़कर करीब 11 किलोमीटर और बेगूसराय में 14 किलोमीटर हो जाती है. मुंगेर और खगड़िया क्षेत्र में इसकी चौड़ाई करीब 19 किलोमीटर तथा सुलतानगंज-नारायणपुर के बीच वेंडिंग एरिया करीब 26 किलोमीटर तक पहुंच जाता है.

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गंगा से गाद हटाने का लिया गया है निर्णय

सम्राट चौधरी ने कहा कि गंगा में जमा गाद की सफाई का निर्णय लिया गया है. नदियों को व्यवस्थित करने और उनके प्रवाह को बेहतर बनाने से बाढ़ की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है. इसके साथ ही नदी के पानी का पीने और सिंचाई जैसे कार्यों में बेहतर इस्तेमाल भी संभव होगा.

13 जिलों में 20 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में बिहार के 13 जिलों में 20 लाख से अधिक लोग बाढ़ की समस्या से जूझ रहे हैं. उन्होंने नदियों के बेहतर प्रबंधन को बाढ़ से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए जरूरी बताया.

समारोह में कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद

कार्यक्रम में जमुई के सांसद अरुण भारती, पथ निर्माण मंत्री ई. शैलेंद्र, मुंगेर जिले के प्रभारी मंत्री संजय कुमार, मुंगेर विधायक कुमार प्रणय, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और डीजीपी विनय कुमार समेत कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद थे.

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