शिक्षक संघ का का प्रतिरोध प्रदर्शन, सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन की नीतियों के खिलाफ बुलंद की आवाज

Updated:
विज्ञापन
शिक्षक संघ का का प्रतिरोध प्रदर्शन, सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन की नीतियों के खिलाफ बुलंद की आवाज

Munger University : वित्तीय संकट, वेतन-पेंशन भुगतान में देरी और प्राध्यापकों की प्रतिनियुक्ति जैसे मुद्दों को लेकर मुंगेर विश्वविद्यालय शिक्षक संघ ने एक घंटे का प्रतिरोध प्रदर्शन किया. आंदोलन तेज करने की चेतावनी भी दी गई.

विज्ञापन

मुंगेर से राणा गौरी शंकर की रिपोर्ट

Munger University : मुंगेर विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (मुगुटा) ने बुधवार को बिहार राज्य विश्वविद्यालय शिक्षक महासंघ (FUTAB) के आह्वान पर सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन की नीतियों के विरोध में एक घंटे का प्रतिरोध प्रदर्शन किया. विश्वविद्यालय की सभी इकाइयों और स्नातकोत्तर विभागों में आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने वित्तीय संकट, समय पर वेतन और पेंशन भुगतान, प्रशासनिक मनमानी तथा प्राध्यापकों की प्रतिनियुक्ति जैसे मुद्दों पर नाराजगी जताई.

शिक्षकों ने उठाए कई अहम मुद्दे

प्रतिरोध प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने कहा कि विश्वविद्यालय लंबे समय से वित्तीय संकट से जूझ रहा है. इसका सीधा असर शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतन, पेंशन तथा अन्य देयताओं के भुगतान पर पड़ रहा है. प्रदर्शनकारियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर मनमाने तरीके से निर्णय लेने और प्राध्यापकों की प्रतिनियुक्ति करने का भी आरोप लगाया.शिक्षकों का कहना था कि विश्वविद्यालय में प्रशासनिक पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि शिक्षण व्यवस्था प्रभावित न हो.

अधिकारों के हनन का लगाया आरोप

Munger University : मुंगेर विश्वविद्यालय शिक्षक संघ ने आरोप लगाया कि अधिनियम के तहत शिक्षकों को प्राप्त अधिकारों की लगातार अनदेखी की जा रही है. साथ ही उनकी वैधानिक देयताओं के प्रति सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन उदासीन बना हुआ है. प्रदर्शन के दौरान इन सभी मुद्दों पर शीघ्र समाधान की मांग की गई.

आंदोलन तेज करने की चेतावनी

मुंगेर विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के महासचिव प्रोफेसर डॉ हरिश्चंद्र शाही ने कहा कि संघ बिहार राज्य विश्वविद्यालय शिक्षक महासंघ (FUTAB) के आंदोलन का पूर्ण समर्थन करता है. उन्होंने कहा कि यदि शिक्षकों की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया और अधिकारों का हनन जारी रहा, तो निकट भविष्य में आंदोलन को और व्यापक तथा तेज किया जाएगा.उन्होंने कहा कि शिक्षकों की मांगें केवल उनके हित से जुड़ी नहीं हैं, बल्कि विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए भी आवश्यक हैं.

ALSO READ: 30 जून से शुरू नहीं हो सका हावड़ा-जमालपुर सुपर एक्सप्रेस का प्राइमरी मेंटेनेंस, मुख्यालय से मंजूरी का इंतजार

विज्ञापन
पिंटू प्रणव

लेखक के बारे में

By पिंटू प्रणव

प्रभात खबर में कंटेंट राइटर, जिन्हें डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 5 साल से ज़्यादा का अनुभव है। न्यूज़ राइटिंग, कंटेंट क्रिएशन, कॉपी एडिटिंग, हेडलाइन राइटिंग और फ़ैक्ट-चेकिंग में अनुभवी। कृषि, वन और पर्यावरण, शिक्षा, राजनीति, टेलीकम्युनिकेशन, धर्म और आध्यात्मिक मामले, सामाजिक मुद्दे, NGO और संस्थान, सरकारी कामकाज और समसामयिक मामलों जैसे कई विषयों पर काम किया है। संपादकीय मानकों और न्यूज़रूम की कार्यक्षमता को बनाए रखते हुए सटीक, प्रभावशाली और पाठकों पर केंद्रित पत्रकारिता करने के लिए प्रतिबद्ध

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन