खुले में जल रहे कचरे व वाहनों के दवाब से जहरीली हो रही मुंगेर की हवा, बढ़ रहे सांस व हर्ट के मरीज

सितंबर 2024 से मार्च 2025 तक सांस के 569 और हृदय रोग के 148 मरीज पहुंचे अस्पताल, 26 की गयी जान
मुंगेर. लगातार बढ़ रहे वाहनों का दवाब, शहर में फैले कचरे और इन कचरों को शहर में खुलेआम जलाना अब मुंगेर के लोगों के लिए मुसीबत बनता जा रहा है. हाल यह है कि दिन-ब-दिन जहां मुंगेर की हवा जहरीली होती जा रही है. वहीं जहरीली हवा के कारण सांस और हार्ट के बीमारियों के मामले भी बढ़ने लगे हैं. इसका अंदाजा केवल इसी से लगाया जा सकता है कि सितंबर 2024 से मार्च 2025 के 6 माह में सदर अस्पताल में जहां सांस की बीमारी के कुल 569 मरीज इलाज के लिए आ चुके हैं. वहीं इस दौरान हुदय रोग के 148 मरीज इलाज के लिए भर्ती हो चुके हैं. इसमें 26 मरीजों की मौत केवल सदर अस्पताल में ही हो चुकी है.
मुंगेर का एयर क्वालिटी इंडेक्स लगातार खराब
मुंगेर की हवा लगातार जहरीली होती जा रही है. इसके कारण ही मुंगेर का एयर क्वालिटी इंडेक्स भी लगातार खतरे के निशान पर चल रहा है. बता दें कि एयर क्वालिटी इंडेक्स की रैकिंग के अनुसार किसी भी जगह पर 0 से 50 एक्यूआइ को बेहतर और 51 से 100 एक्यूआइ को मध्यम माना जाता है. जबकि 101 से 150 एक्यूआइ को संवेदनशील माना जाता है, जो बुजुर्गों, बच्चों और बीमारों के लिये खतरनाक है. जबकि 151 से 200 के बीच का एक्यूआइ लाल यानि डेंजर जोन माना जाता है. इसमें आम लोगों को बीमार करने की क्षमता होती है. ऐसे में मुंगेर का एयर क्वालिटी इंडेक्स लंबे समय से 150 से 165 एक्यूआइ के बीच चल रहा है. जबकि एक सप्ताह से मुंगेर का एयर क्वालिटी इंडेक्स 200 के पार चल रहा है.
लगातार बढ़ रहे सांस की बीमारी के मामले
मुंगेर की जहरीली होती जा रही हवा अब मुंगेर के लोगों को बीमार करने लगी है. इसके कारण सांस की बीमारी के मामले भी सदर अस्पताल में काफी तेजी से बढ़ गये हैं. हाल यह है कि सितंबर 2024 से मार्च तक में अबतक केवल सदर अस्पताल में ही सांस की बीमारी के कुल 569 मरीज इलाज के लिये भर्ती हो चुके हैं. इतना ही नहीं मुंगेर की जर्जर सड़कों के बीच उड़ती धूल अब लोगों को हृदय रोग का मरीज भी बना रही है. इसका अंदाजा केवल इसी बात से लगाया जा सकता है कि इन छह माह में सदर अस्पताल के विभिन्न वार्डों में हार्ट के कुल 148 मरीजों को इलाज के लिये भर्ती किया गया है. इसमें 26 मरीजों की मौत तो केवल सदर अस्पताल में ही इलाज के दौरान हो चुकी है.
शहर की बदहाल हालत बढ़ा रही परेशानी
शहर में जहां वाहनों का दबाव प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है. वहीं सीवरेज तथा पेयजल योजना के नाम पर शहर की जर्जर सड़कों से उड़ रही धूल मुंगेर की हवा को दूषित बना रही है. जबकि शहर में कचरे का उठाव सही से नहीं होने पर खुलेआम शहर में कचरे को जलाया जा रहा है. इसके कारण लगातार शहर की हवा खतरे के निशान पर है.
सदर अस्पताल में बढ़ने लगे हैं सांस व हार्ट के मरीज
माह सांस के मरीज हार्ट के मरीज मौत
सितंबर 2024 69 12 5अक्तूबर 2024 83 21 1
नवंबर 2024 94 26 4दिसंबर 2024 103 18 5
जनवरी 2025 85 24 2फरवरी 2025 103 19 6
मार्च 2025 32 28 3डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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