मुंगेर में सिर्फ दिखावा? बिना पानी और बैठने की व्यवस्था के खड़े कर दिए गए पंडाल

Published by : Pratyush Prashant Updated At : 23 May 2026 8:53 AM

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Munger Heatwave

Munger Heatwave: तेज धूप से बचने पहुंचे लोग हुए निराश, हीट वेव राहत कैंप में नहीं मिली बुनियादी सुविधाएं

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Munger Heatwave: मुंगेर से वीरेंद्र कुमार सिंह की रिपोर्ट. भीषण गर्मी और हीट वेव के बीच लोगों को राहत देने के लिए मुंगेर नगर निगम द्वारा शहर के प्रमुख स्थानों पर पंडाल तो लगाए गए हैं, लेकिन इन पंडालों में जरूरी सुविधाओं का अभाव लोगों की परेशानी और बढ़ा रहा है. भगत सिंह चौक और सरकारी बस स्टैंड पर बनाए गए हीट वेव राहत पंडालों में न पीने के पानी की व्यवस्था है, न बैठने के लिए कुर्सी-बेंच और न ही प्राथमिक उपचार की सुविधा. ऐसे में लोग इसे केवल खानापूर्ति और दिखावा बता रहे हैं.

धूप से बचने पहुंचे लोग, लेकिन नहीं मिली राहत

भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों से बचने के लिए मजदूर, रिक्शा चालक, यात्री और राहगीर इन पंडालों में राहत की उम्मीद लेकर पहुंच रहे हैं. लेकिन वहां पहुंचने पर उन्हें निराशा हाथ लग रही है.

सरकारी बस स्टैंड और भगत सिंह चौक पर लगाए गए पंडालों में केवल तिरपाल और ढांचा दिखाई दे रहा है. लोगों के बैठने की कोई समुचित व्यवस्था नहीं की गई है. गर्मी से बेहाल यात्री जमीन पर बैठने को मजबूर हैं.

न पानी, न प्राथमिक उपचार, सवालों में निगम की तैयारी

हीट वेव जैसी गंभीर स्थिति में राहत कैंपों में ठंडे पानी, ओआरएस, प्राथमिक चिकित्सा और आराम की व्यवस्था बेहद जरूरी मानी जाती है. लेकिन नगर निगम द्वारा बनाए गए इन पंडालों में ऐसी कोई सुविधा उपलब्ध नहीं करायी गयी है.

कई यात्रियों और स्थानीय लोगों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि प्रशासन केवल औपचारिकता निभा रहा है. अगर सुविधाएं ही नहीं दी जाएंगी तो ऐसे पंडाल लगाने का क्या मतलब है.

तेज गर्मी में बढ़ी लोगों की मुश्किलें

मुंगेर में इन दिनों तापमान लगातार बढ़ रहा है और दोपहर के समय सड़कों पर लू जैसे हालात बन रहे हैं. ऐसे में सबसे ज्यादा परेशानी दिहाड़ी मजदूरों, रिक्शा चालकों और यात्रियों को हो रही है, जिन्हें मजबूरी में धूप में सफर करना पड़ रहा है.

स्वास्थ्य विभाग लगातार लोगों को सतर्क रहने, पर्याप्त पानी पीने और धूप से बचने की सलाह दे रहा है. लेकिन जमीनी स्तर पर राहत व्यवस्था की स्थिति लोगों को निराश कर रही है.

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लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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