मुंगेर में चार दिवसीय पुस्तक मेले का शुभारंभ, एक छत के नीचे 50 हजार पुस्तकों का भंडार

पुस्तक मेला का अवलोकन करते जिलाधिकारी
Munger Book Fair: इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि पुस्तक मेला केवल पुस्तकों की प्रदर्शनी नहीं है, बल्कि ज्ञान, साहित्य, संस्कृति और रचनात्मकता का एक व्यापक उत्सव है. उन्होंने लोगों, खासकर युवाओं और विद्यार्थियों से अधिक से अधिक संख्या में पुस्तक मेले में पहुंचकर पुस्तकों से जुड़ने की अपील की.
मुंगेर से राणा गौरी शंकर की रिपोर्ट:
Munger Book Fair: इंडोर स्टेडियम, मुंगेर में गुरुवार को चार दिवसीय पुस्तक मेले का भव्य शुभारंभ जिलाधिकारी निखिल धनराज ने दीप प्रज्वलित कर किया. उद्घाटन समारोह में उप विकास आयुक्त अजीत कुमार सिंह समेत कई प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षाविद, साहित्यकार और पुस्तक प्रेमी उपस्थित रहे.
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि पुस्तक मेला केवल पुस्तकों की प्रदर्शनी नहीं है, बल्कि ज्ञान, साहित्य, संस्कृति और रचनात्मकता का एक व्यापक उत्सव है. उन्होंने लोगों, खासकर युवाओं और विद्यार्थियों से अधिक से अधिक संख्या में पुस्तक मेले में पहुंचकर पुस्तकों से जुड़ने की अपील की.
विद्यार्थियों और पुस्तक प्रेमियों में दिखा उत्साह
समय इंडिया ट्रस्ट, नई दिल्ली, पुस्तक मेला समिति (रजि.) तथा प्रज्ञा रिसर्च एसोसिएशन (प्राण), रांची के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस मेले को लेकर मुंगेर और आसपास के क्षेत्रों में उत्साह का माहौल है. विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों, साहित्यकारों और पुस्तक प्रेमियों की बड़ी संख्या मेले में पहुंच रही है.
50 से अधिक प्रकाशकों की 50 हजार से ज्यादा पुस्तकें
पुस्तक मेले में देश के प्रतिष्ठित प्रकाशन संस्थानों की 50 हजार से अधिक पुस्तकें प्रदर्शित की गई हैं. इनमें समय प्रकाशन, यश प्रकाशन, दीपा प्रकाशन, अनु प्रकाशन, राजकमल प्रकाशन, वाणी प्रकाशन, प्रभात प्रकाशन, राधाकृष्ण प्रकाशन, पेंगुइन प्रकाशन, हिन्द युग्म, गीता प्रेस, गोवो बुक्स, उपकार प्रकाशन एवं मनोज पब्लिकेशंस सहित 50 से अधिक प्रकाशन संस्थान शामिल हैं.
हर आयु वर्ग के लिए आकर्षण का केंद्र
मेले में साहित्य, समसामयिक विषय, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, धार्मिक ग्रंथ, बाल साहित्य, विज्ञान, इतिहास, जीवनी, प्रेरणादायक साहित्य, शेर-ओ-शायरी और ग़ज़लों से संबंधित पुस्तकों की विस्तृत श्रृंखला उपलब्ध है. प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों और युवाओं के लिए यह मेला विशेष रूप से लाभदायक माना जा रहा है.
पुस्तकों से ही होता है समाज का बौद्धिक विकास
समय इंडिया ट्रस्ट के प्रबंध न्यासी चंद्र भूषण ने कहा कि पुस्तकें समाज को जागरूक, शिक्षित और संस्कारित बनाने का सबसे सशक्त माध्यम हैं. उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में भी पुस्तकों का महत्व कम नहीं हुआ है और ऐसे आयोजन पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.
चार दिनों तक चलने वाला यह पुस्तक मेला मुंगेर के लोगों के लिए ज्ञान, साहित्य और संस्कृति का महत्वपूर्ण केंद्र बना रहेगा.
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By Shruti Kumari
श्रुति कुमारी एक पत्रकार और डिजिटल कंटेंट राइटर हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से अंग्रेजी पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा प्राप्त किया है। वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें विभिन्न प्लाटफॉर्म्स पर डिजिटल पत्रकारिता और कंटेंट राइटिंग का लगभग दो वर्षों का अनुभव है। सामाजिक मुद्दों, महिला सशक्तिकरण, राजनीति, शिक्षा और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लिखना उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है। इसके अलावा वे डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए स्क्रिप्ट राइटिंग करती हैं तथा हिंदी कविता और अंगिका भाषा में लेखन का भी शौक रखती हैं। प्रकृति से उनका विशेष लगाव है और वे मानती हैं कि संवेदनशील, तथ्यपरक और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता समाज में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन सकती है।
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