क्रोध वह अग्नि है जो विवेक को जला देती है : स्वामी महेश्वर बाबा

Published by : RANA GAURI SHAN Updated At : 27 Apr 2025 8:23 PM

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जमालपुर शहर के बड़ी दरियापुर पंचमुखी मंदिर के निकट शनिवार की रात रात्रि कालीन सत्संग के साथ बहू क्षेत्रीय एक दिवसीय संतमत सत्संग सम्मेलन भक्ति और निष्ठा के साथ संपन्न हुआ.

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रात्रिकालीन सत्संग के साथ बहू क्षेत्रीय संतमत सत्संग सम्मेलन संपन्न

जमालपुर. जमालपुर शहर के बड़ी दरियापुर पंचमुखी मंदिर के निकट शनिवार की रात रात्रि कालीन सत्संग के साथ बहू क्षेत्रीय एक दिवसीय संतमत सत्संग सम्मेलन भक्ति और निष्ठा के साथ संपन्न हुआ. मुख्य वक्ता बेगूसराय से पहुंचे संतमत के महात्मा स्वामी महेश्वर बाबा ने कहा कि जैसे आग से आग नहीं बुझाई जा सकती. उसी तरह क्रोध से क्रोध कभी खत्म नहीं होता. क्रोध वह अग्नि है जो विवेक को जला देता है और मनुष्य को विवेकहीन बना देता है. सत्संग करने वाले एवं सत्संग में आने वाले मनुष्य धन्य होते हैं. सत्संग से सत्य का ज्ञान होता है. सत्संग में आने से पापी भी पुण्यात्मा हो जाते हैं. जैसे सांग बेचने वाले मनी के गुण का वर्णन नहीं कर सकते. इसी प्रकार दुराचारी व्यक्ति सत्संग के गुण का वर्णन नहीं कर सकते. जैसे रोटी, चावल, खीर पूरी तन का भोजन है. इस प्रकार सत्संग मन का भोजन है. भजन के कार्यक्रम में उन्होंने त्राहि गुरु त्राहि गुरु काहू हो असार संसार से गुरु बल तरु हो… प्रस्तुत किया. दिनेश आनंद बाबा ने सत्संग बिना सोचो मानव जग में वह ज्ञान कहां होगा… भजन प्रस्तुत किया. संचालन प्रचार मंत्री राजन कुमार चौरसिया ने किया. मौके पर शिव शंकर प्रसाद, कन्हैयालाल चौरसिया, परशुराम चौरसिया, चंद्रशेखर मंडल, प्रताप मंडल, अभिमन्यु साह, रामचंद्र मंडल, अशोक तांती, रामप्रसाद साह, अमन कुमार, उषा देवी, सरस्वती कुमारी, ममता कुमारी, सुशीला देवी और संध्या देवी मुख्य रूप से मौजूद थी.

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