शहर में फायर सेफ्टी को लेकर प्रशासन सख्त, बिना एनओसी वाले होटल व अस्पताल हो सकते हैं सील

Published by : BIRENDRA KUMAR SING Updated At : 07 Jun 2026 8:43 PM

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शहर के होटल राज पैलेस, संध्या रेस्टोरेंट व संध्या ग्रैंड होटल सहित कई होटल, रेस्टोरेंट और निजी नर्सिंग होम का निरीक्षण कर अग्निशमन उपकरणों, आपातकालीन निकास, सुरक्षा मानकों और फायर एनओसी से संबंधित दस्तावेजों की जांच की.

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– रविवार को भी चला विशेष जांच अभियान, 15 दिनों के भीतर अग्नि सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त कर ऑनलाइन आवेदन का निर्देश

मुंगेर

मुजफ्फरपुर के एक अस्पताल और दिल्ली के एक होटल में हुए भीषण अग्निकांड के बाद मुंगेर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है. जिलाधिकारी निखिल धनराज के निर्देश पर जिले में होटल, रेस्टोरेंट और निजी नर्सिंग होम की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की गहन जांच शुरू कर दी गई है. इसी क्रम में रविवार को भी शहर के विभिन्न प्रतिष्ठानों में विशेष अभियान चलाया गया.

जांच में मिली फायर सेफ्टी का अभाव, कईयों के पास नहीं थे एनओसी

रविवार को जांच अभियान का नेतृत्व जिला अग्निशमन पदाधिकारी हरेंद्र कुमार सिंह कर रहे थे. जांच टीम में अनुमंडल अग्निशामालय पदाधिकारी सदर मुंगेर दीपिका सहित अन्य शामिल थी. टीम ने शहर के होटल राज पैलेस, संध्या रेस्टोरेंट व संध्या ग्रैंड होटल सहित कई होटल, रेस्टोरेंट और निजी नर्सिंग होम का निरीक्षण कर अग्निशमन उपकरणों, आपातकालीन निकास, सुरक्षा मानकों और फायर एनओसी से संबंधित दस्तावेजों की जांच की. निरीक्षण के दौरान कई प्रतिष्ठानों में अग्निशमन उपकरण या तो उपलब्ध नहीं मिले या फिर वे उपयोग की स्थिति में नहीं थे. वहीं कई होटल और निजी अस्पताल ऐसे भी पाए गए, जिन्होंने अब तक अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (फायर एनओसी) प्राप्त नहीं किया है. इस पर अधिकारियों ने संचालकों को कड़ी चेतावनी देते हुए 15 दिनों के भीतर आवश्यक अग्नि सुरक्षा उपकरणों की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा फायर एनओसी के लिए ऑनलाइन आवेदन करने का निर्देश दिया.

एनओसी नहीं रहने पर होटल व अस्पताल होंगे सील

टीम ने फायर एनओसी की भी गहनता से जांच किया. लेकिन अधिकांश प्रतिष्ठानों के पास फायर एनओसी नहीं मिले. निरीक्षण के दौरान अधिकारियों की टीम यह जांच किया कि संस्थानों में फायर एक्सटिंग्विशर, स्मोक डिटेक्टर, फायर अलार्म, स्प्रिंकलर और हाइड्रेंट जैसे सुरक्षा उपकरण कार्यरत हैं या नहीं. अधिाकरियों ने स्पष्ट किया कि जिन संस्थानों के पास वैध एनओसी नहीं होगा या जिसकी अवधि समाप्त हो चुकी होगी, उन्हें नोटिस जारी किया जायेगा. विभाग ने स्पष्ट किया कि 15 दिनों के अंदर व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ और एनओसी के लिए आवेदन नहीं किया तो दोबारा जांच में पकड़े जाने पर होटल व अस्पताल को सील करने की कार्रवाई की जायेगी.

कहते हैं अधिकारी

जिला अग्निशमन पदाधिकारी हरेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि जिन होटल, रेस्टोरेंट और निजी अस्पतालों के पास फायर एनओसी नहीं है, उन्हें 15 दिनों का समय दिया गया है. इस अवधि में अग्नि सुरक्षा मानकों को पूरा करते हुए ऑनलाइन आवेदन करना अनिवार्य होगा. निर्धारित समय के बाद भी नियमों का पालन नहीं करने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी. आवश्यकता पड़ने पर ऐसे होटल और अस्पतालों को सील करने का भी प्रावधान है.

सुरक्षा से समझौता नहीं, प्रशासन का स्पष्ट संदेश

जिलाधिकारी निखिल धनराज का कहना है कि लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है. इसलिए फायर सेफ्टी नियमों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई की जा जायेगी. अग्निशमन विभाग द्वारा फायर ऑडिट किया जा रहा है. सभी संस्थान अपनी सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त कर लें, अन्यथा सीलिंग जैसी कड़ी कार्रवाई के लिए तैयार रहें.

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