कूड़ेदान बन गयी शहर की सड़कें

Updated at :29 Jan 2017 3:57 AM
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कूड़ेदान बन गयी शहर की सड़कें

परेशानी. घर का कचरा फेंक रहे सड़क पर, चलना भी हाे रहा मुश्किल ‘’ स्वच्छ मुंगेर, स्वस्थ मुंगेर ‘’ के नारों के बीच शहर की प्रमुख सड़कें कूड़ेदानी बन गयी है. जहां निगम के सफाइकर्मी के साथ ही मुहल्ले के लोग अपने घरों का कचरा फेंकते हैं. फलत: शहर की सड़कों पर चलना मुश्किल होता […]

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परेशानी. घर का कचरा फेंक रहे सड़क पर, चलना भी हाे रहा मुश्किल

‘’ स्वच्छ मुंगेर, स्वस्थ मुंगेर ‘’ के नारों के बीच शहर की प्रमुख सड़कें कूड़ेदानी बन गयी है. जहां निगम के सफाइकर्मी के साथ ही मुहल्ले के लोग अपने घरों का कचरा फेंकते हैं. फलत: शहर की सड़कों पर चलना मुश्किल होता जा रहा. शहर में कहीं भी कूड़ेदानी नहीं है और बीच सड़क पर कूड़ों के ढेर के कारण स्वच्छता अभियान का अपमान हो रहा है.
मुंगेर : मुंगेर को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए अधिकारी से लेकर जनप्रतिनिधि तक समर्थन कर रहे. लेकिन शहर की स्थिति आज स्वच्छता के मामले में पूरी तरह बदहाल है. नगर निगम शहर के मुख्य बाजार में दिन के साथ ही रात में भी झाड़ू लगाने की व्यवस्था की है. किंतु बीच सड़क पर ही कचरा रखा जा रहा है. फलत: शहर की सूरत ही कचरों की ढेर वाली हो गयी है. मुख्य बाजार के एसबीआइ बाजार ब्रांच, श्रवण बाजार नंदकुमार पार्क, जामा मसजिद तोपखाना बाजार, दारू गोदाम, टैक्सी स्टैंड, गुलजार पोखर मोड़, शास्त्री चौक, जुबली वेल पुल, बेकापुर लोहापट्टी में सड़क पर ही कूड़ों का ढेर लगा रहता है. इन क्षेत्रों में नगर निगम द्वारा घरों से कचरा संग्रह के लिए डोर टू डोर कचरा संग्रह की व्यवस्था की गयी है. बावजूद लोग अपने घरों का कचरा सड़कों पर ही फेंक रहे हैं.
शहर में नहीं है डस्टबीन
जिस शहर को यहां के अधिकारी स्मार्ट सिटी बनाने का सपना दिखा रहे उस शहर में एक अदद डस्टबीन तक नहीं है, जहां लोग अपने घरों का कचरा रख सके. लेकिन लोगों की मजबूरी है कि वे घरों का कचरा सड़क किनारे ही डाल रहे हैं. नगर निगम ने पूर्व में शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर डस्टबीन की व्यवस्था की थी. लेकिन वह डस्टबीन घोटाले की भेंट चढ़ गयी. सिनटेक्स कंपनी के नाम पर लोकल मार्का का डस्टबीन की आपूर्ति कर लाखों का वारे-न्यारे हुए जो कुछ ही दिनों में जंक लग कर बरबाद हो गया. फलत: शहर की सड़कें आज डस्टबीन बन गयी है.
नगर निगम ने टीपर के माध्यम से जो डोर टू डोर कचरा संग्रह की व्यव्स्था की है वह कुछ खास घरों तक ही कचरा को संग्रह करता है. सभी घरों से कचरा का उठाव नहीं किया जाता. फलत: लोग सड़क किनारे ही अपने घरों का कचरा फेंक रहे.
फैलती रहती है बदबू
सड़क पर कूड़ों का ढेर रहने के कारण आम शहरी को काफी मुश्किल हो रहा है. कूड़ों की नियमित उठाव नहीं होने से कई स्थानों पर उससे सड़ांध व बदबू आती रहती है. जिसके बीच चलने में नाक पर रुमाल रखना पड़ता. दूसरी ओर सड़क पर कचरा के कारण यातायात के लिए सड़क की चौड़ाई भी उस स्थान पर कम रहता है. फलत: आम लोगों के साथ ही वाहनों की आवाजाही में भी मुश्किल हो रहा. जिन स्थानों पर सड़क को कूड़ादानी बनाकर रखा गया है वहां सड़क गड्ढे में तब्दील हो रहा. क्योंकि कूड़ा उठाव के लिए जेसीबी मशीन का प्रयोग किया जाता है और कूड़ा के साथ ही जेसीबी वहां की निचली सतह को भी नोंच डाला है.
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