नहीं हो रही शराबियों के विरुद्ध कार्रवाई, होटलों में छलकते हैं जाम

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मुंगेर: मुंगेर शहर के होटलों में बैठ कर खाना खाने के साथ शराब पीना आम बात हो गया है. शहर के हर चौक-चौराहों पर लगने वाले ठेले पर भी खुलेआम शराब परोसा जा रहा है. शाम होते ही शहर के मध्य स्थित आजाद चौक, पीएनबी चौक, भगत सिंह चौक, पेपर चौक, बाटा चौक, विजय टॉकिज, […]

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मुंगेर: मुंगेर शहर के होटलों में बैठ कर खाना खाने के साथ शराब पीना आम बात हो गया है. शहर के हर चौक-चौराहों पर लगने वाले ठेले पर भी खुलेआम शराब परोसा जा रहा है. शाम होते ही शहर के मध्य स्थित आजाद चौक, पीएनबी चौक, भगत सिंह चौक, पेपर चौक, बाटा चौक, विजय टॉकिज, बैद्यनाथ टॉकिज, कौड़ा मैदान, शादीपुर, पूरबसराय, सुभाष चौक पर शराबियों की भीड़ लग जाती है.

हाल यह है कि पुलिस की पैट्रोलिंग वाहन इन चौकों पर गश्ती तो लगाती है लेकिन रहस्मयढंग से मूकदर्शक बनी रहती है.

होटलों में परोसी जाती है शराब : मुंगेर शहर के अधिकांश होटलों में अवैध रूप से शराब परोसा जाता है. यही कारण है कि शहर के लोग अपने परिवार के साथ होटल व रेस्टोरेंट में जाने से परहेज करते. शहर के बाटा चौक स्थित एक होटल से लेकर छोटे-छोटे मीट-पुलाव की दुकानों में शराब खुलेआम परोसी जाती है.
शराब दुकान के सामने बिकता है चखना : शराब दुकान के मुहाने पर ही चखना का दुकान सजाया जाता है. ताकि लोग शराब खरीद कर इधर-उधर न जायें बल्कि वहीं चखना खरीद कर शराब पीना आरंभ कर दे. इतना ही नहीं कई शराब दुकान तो अपने दुकान में जगह उपलब्ध करा दते हैं और शराब पीने का दौर देर रात तक चलता है.
होती है गाली-गलौज : शहर के होटलों, चौक चौराहों पर लगने वाले फास्ट फुड के दुकानों में शराब पीने का सिलसिला आरंभ हो जाता है. सिलसिला इस कदर चलता है कि शराब की एक-दो पैक लगने के बाद लोग अपने आप में नहीं रहते और एक दूसरे से उलझ पड़ते हैं. स्थिति यह रहती है कि लोग एक दूसरे को गाली-गलौज करने लगते हैं और मारपीट पर उतारू हो जाते हैं.
10 बजे रात्रि के बाद बिकती है शराब : यूं तो जिला प्रशासन ने मुंगेर के सभी शराब दुकानों को रात्रि 10 बजे तक दुकान खोल कर बेचने का निर्देश दिया है. बावजूद रात्रि 10 बजे के बाद शराब दुकानदार अपने शटर को तो बंद कर लेते हैं. लेकिन शटर के अंदर से ही रात्रि 11-12 बजे तक दारू की बोतल बेचने का काम करते रहते हैं. जिसके कारण देर रात तक शहर में शराबियों का जमघट लगा रहता है और लोग जहां-तहां गिरे पड़े भी नजर आते हैं.
पुलिस की रहती है मिलीभगत : शराबियों के इस कारनामे में पुलिस प्रशासन भी शामिल हैं. रात्रि गश्ती करने वाले पैट्रोलिंग पार्टी इस तरह के कारनामों को देख कर भी नजरअंदाज कर देती है. कई स्थानों पर पुलिस वाले भी शराब का आनंद लेते दिखते हैं. शहर के एक चर्चित कनीय पुलिस अधिकारी भी शराब के आनंद लेने में मसगूल रहते हैं. यहां तक कि अपने दो-चार मित्रों को भी शराब की बोतलें उपलब्ध कराते हैं.
कहते हैं पुलिस अधीक्षक
पुलिस अधीक्षक वरुण कुमार सिन्हा ने बताया कि सार्वजनिक स्थानों एवं होटलों में शराब परोसना पूरी तरह गैर कानूनी है और इसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जायेगी.
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