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वृद्धा वार्ड बना हाथी का दांत, वृद्ध मरीज को जेनेरल वार्ड में किया जाता है भर्ती

Updated at : 12 Dec 2019 8:36 AM (IST)
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वृद्धा वार्ड बना हाथी का दांत, वृद्ध मरीज को जेनेरल वार्ड में किया जाता है भर्ती

मुंगेर : सदर अस्पताल में गत वर्ष 31 दिसंबर को वृद्ध मरीजों के बेहतर इलाज के लिए वृद्धा वार्ड का उद्घाटन किया गया था. किंतु जिस उद्देश्य से इस वार्ड को बनाया गया था, वर्तमान समय में उसका पालन नहीं हो पा रहा है. वार्ड में बेड खाली रहने के बावजूद वृद्ध मरीजों को इलाज […]

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मुंगेर : सदर अस्पताल में गत वर्ष 31 दिसंबर को वृद्ध मरीजों के बेहतर इलाज के लिए वृद्धा वार्ड का उद्घाटन किया गया था. किंतु जिस उद्देश्य से इस वार्ड को बनाया गया था, वर्तमान समय में उसका पालन नहीं हो पा रहा है. वार्ड में बेड खाली रहने के बावजूद वृद्ध मरीजों को इलाज के लिए जेनरल वार्ड में ही भर्ती किया जात है.

जिसके कारण वृद्ध मरीजों को विशेष चिकित्सा सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है. जिन वृद्ध मरीजों को बिना किसी परेशानी का समुचित चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराये जाने के लिए इस वार्ड के निर्माण में लाखों रुपये खर्च किये गये, वह आज अस्पताल प्रशासन की उदासीनता के कारण महज हाथी का दांत साबित हो रहा है.
वृद्ध मरीजों को नहीं मिल रहा लाभ: सदर अस्पताल में इमरजेंसी वार्ड के समीप बनाया गया अत्याधुनिक वृद्धा वार्ड का वृद्ध मरीजों को कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है. अक्सर जैसे ही कोइ वृद्ध मरीज इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचते हैं तो चिकित्सक उन्हें जेनरल वार्ड में भर्ती कर देते हैं. जबकि इमरजेंसी वार्ड के ठीक बगल में स्थित वृद्धा वार्ड में ऐसे मरीजों को भर्ती नहीं किया जा रहा है. नतीजतन मरीजों को स्ट्रेचर या व्हीलचेयर पर ढ़ोकर जेनरल वार्ड में शिफ्ट करना पड़ता है.
पुरुष मेडिकल वार्ड में भर्ती जमालपुर फरीदपुर निवासी 86 वर्षीय अर्जुन पंडित ने कहा कि उन्हें मेडिकल वार्ड में काफी परेशानी होती है. शौच व यूरिन के लिए उसे 100 फुट से भी अधिक दूर चलना पड़ता है. वहीं चुरम्बा निवासी 70 वर्षीय मो. रईसउद्दीन ने बताया कि न तो वार्ड में अटैच शौचालय की सुविधा है और न ही बाथरूम की.
जिसके कारण बार-बार वार्ड से बाहर निकलने में काफी परेशानी होती है. इस मामल में जब वृद्धा वार्ड जाकर रियेल्टी चेक किया गया तो वहां कुल 7 बेड लगे थे. वहां मात्र एक मरीज भर्ती था तथा एक बेड पर मरीज का अटेंडेंट सोया हुआ था. देखने से ऐसा पता चल रहा था कि शायद उसे उसकी पहुंच के कारण वृद्धा वार्ड में बेड उपलब्ध करायी गयी हो. जबकि बांकी के सभी बेड खाली पड़े हुए थे.
कहते हैं अस्पताल उपाधीक्षक
प्रभारी अस्पताल उपाधीक्षक डॉ निरंजन कुमार ने कहा कि वृद्ध मरीजों को वृद्धा वार्ड में ही भर्ती किया जाना है. उन्होंने बताया कि पूर्व में आईसीयू के वार्ड इंचार्ज को ही वृद्धा वार्ड की भी जिम्मेवारी सौंपी गयी थी, किंतु वह आईसीयू में ही व्यस्त रह जाने के कारण वृद्धा वार्ड में समय नहीं दे पाते हैं. इस कारण से अब जल्द ही वृद्धा वार्ड को इमरजेंसी वार्ड से कनेक्ट कर दिया जायेगा. इमरजेंसी के वार्ड इंचार्ज ही वृद्धा वार्ड के मरीजों को भी देखेंगे.
अत्याधुनिक बनाया गया है वृद्धा वार्ड
वृद्धा वार्ड का निर्माण लगभग 15 लाख रुपये के लागत से किया गया था. इस वार्ड के निर्माण हो जाने से सदर अस्पताल में आने वाले वृद्ध मरीजों को इलाज में काफी सहूलियत मिलनी थी. मरीजों को दवा से लेकर भोजन तक यहां मुफ्त में मिलना है. वृद्धा वार्ड में मरीजों के लिए शौचालय एवं यूरिनल बनाया गया है. इस वार्ड को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है. गर्मी के दिन में मरीजों को परेशानी न हो, इसलिए इस वार्ड में एयरकंडीशन के साथ ही फर्श पर टाइल्स एवं छत पर सीलिंग लगाया गया है.
वार्ड में कई नयी और अत्याधुनिक मशीनें लगायी जानी है तथा वृद्ध मरीजों के लिए फिजियोथेरेपी की भी वार्ड में ही अलग से व्यवस्था की जानी थी, जो अब तक नहीं हो पायी है. उद्घाटन के समय बताया गया था कि वार्ड में ड्यूटी के लिए नर्स 24 घंटे सातों दिन तैनात रहेंगी. किंतु आज तक इस वार्ड में एक दिन भी नर्स तैनात नहीं किया गया है.
सघन मिशन इंद्रधनुष के प्रचार वाहन को किया गया रवाना
मुंगेर : पिछले 2 दिसंबर से चले रहे सघन मिशन इंद्रधनुष कार्यक्रम को गति प्रदान करने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग द्वारा बुधवार को जागरूकता रथ को रवाना किया गया. जिसे सिविल सर्जन डॉ पुरुषोत्तम कुमार ने हरी झंडी दिखा कर रवाना किया. मौके पर डीआईओ डॉ फैजउद्दीन, प्रभारी अस्पताल उपाधीक्षक डॉ निरंजन कुमार, डीपीएम मो. नसीम, डब्लूएचओ के एसएमओ डॉ यतीन पिम्पले, यूनिसेफ के एसएमसी अमित कुमार तथा यूएनडीपी के सुधाकर कुमार मुख्य रूप से उपस्थित थे.
बताया गया कि जागरूकता रथ मुख्य मार्ग से होते हुए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र धरहरा, गोविंदपुर, छोटी लगमा तथा शिवकुंड में प्रचार-प्रसार किया. मुंगेर जिला में धरहरा तथा टेटियाबंबर प्रखंड में यह कार्यक्रम चलाया जा रहा है. जिसके पहले चरण का शुभारंभ 2 दिसंबर को ही हो चुका है. सघन मिशन इंद्रधनुष कार्यक्रम के तहत धरहरा में 0-2 साल तक के कुल 350 बच्चों व 56 गर्भवती माताओं के लिए 30 सत्र स्थल का चयन किया गया है.
जबकि टेटियाबंबर में 0-2 साल तक के कुल 105 बच्चों तथा 54 गर्भवती महिलाओं के लिए कुल 26 सत्र स्थलों का चयन किया गया है. मिशन इंद्रधनुष सघन टीकाकरण अभियान का प्रथम चरण गुरुवार को संपन्न हो जायेगा. इसके बाद दूसरा चरण 6 जनवरी से 16 जनवरी तक, तीसरा चरण 3 फरवरी से 13 फरवरी तक तथा चौथा चरण 2 मार्च से 16 मार्च तक चलेगा.
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