हवा में घुल रहा जहर, जागो निगम

By Prabhat Khabar Digital Desk
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मुंगेर : मुंगेर को एक ऐसे शहर के रूप में जाना जाता है जो पूरे विश्व को योग का ज्ञान देकर निरोग काया का वरदान देता है. किंतु जल्द ही मुंगेर शहर को मौत बांटने वाले शहर के नाम से जाना जाने लगेगा. लापरवाह सिस्टम के कारण खुले में कचरा जलाये जाने से लगातार वायु प्रदूषण में बढ़ोतरी हो रही है. जिसके कारण शहर से लेकर गांव तक की हवाओं में जहर घुल रहा है.

वहीं शहर के मुहाने पर धू-धू कर जल रहे प्लास्टिक युक्त कचरा को लेकर प्रशासन व जनप्रतिनिधी भी मौन हैं. जबकि जहरीला धुआं न सिर्फ मानव जीवन, बल्कि पशु-पक्षी तथा पेड़-पौधों के लिए भी प्राण घातक साबित हो रहा है. वायु प्रदूषण के कारण लोग अलग-अलग प्रकार के नयी-नयी बीमारियों के शिकार हो रहे हैं. बावजूद निगम प्रशासन सोया है.
खुलेआम जलाया जा रहा प्लास्टिक युक्त कचरा: मुंगेर शहर के मुहाने पर मिन्नतनगर के समीप काफी लंबे समय से नगर निगम प्रशासन द्वारा शहर का कूड़ा डंप किया जा रहा है. लगातार कूड़े को यहां डंप किये जाने के कारण यहां प्लास्टिक युक्त कचरे का अंबार लग गया है.
कुछ लोग यहां पर सड़क किनारे डंप कचरे में प्राय: आग लगा देते हैं, जो कई दिनों तक सुलग-सुलग कर जलते रहता है. शनिवार की सुबह जेएमएस कॉलेज के समीप कूड़े के अलग-अलग कई ढेर में धू-धू कर आग जल रहा था. जिससे प्लास्टिक की मात्रा अधिक रहने के कारण व्यापक पैमाने पर काला धुआं निकल कर आस-पास के हवाओं में जहर घोल रहा था.
हाल यह था कि सड़क पर व्यापक पैमाने पर धुआं फैले रहने के कारण लोगों को सामने की कोई चीज दिखाई तक नहीं पड़ रही थी. साथ ही धुएं को पार करने के दौरान लोगों को सांस लेना तक मुश्किल लग रहा था. यह प्राय: चलता रहता है. हर दिन यहां पर कूड़े के कई ढेरों में आग सुलगता रहता है और जहरीली गैस निकल वायुमंडल को लगातार प्रदूषित कर रही है.
जिम्मेदार नहीं हैं संवेदनशील: नियमानुसार घनी अबादी के समीप तथा सड़क के किनारे इस तरह खुले में कचरा डंप करना कानून जुर्म है. बावजूद निगम प्रशासन इस कानून की धज्जी उड़ाते हुए मिन्नतनगर, मुबारकचक तथा बांक के समीप लगातार शहर के कचड़े को डंप कर रहा है. हाल यह है कि सड़क के बगल की जो जमीन किसी जमाने में खाई के समान थी, वह आज कूड़ा डंप होते-होते सड़क के समानांतर हो गयी. इसके अलावे यहां हर दिन कचरा जलते रहता है.
बावजूद पर जानलेवा स्थिति पर न तो निगम प्रशासन संवेदनशील हो रही है और न ही मुंगेर के जनप्रतिनिधि ही, जबकि मुंगेर आने-जाने का यह सबसे प्रमुख मार्ग है. इस मार्ग से होकर दिन भर हजारों लोगों का आना-जाना लगा रहता है. इस मार्ग से जुजरने वाले लोगों को कूड़े के दुर्गंध तथा जलते हुए कूड़े के विषैले धुआं से बचने के लिए लगभग 500 मीटर की दूरी नाक पर रूमाल ढंक कर तय करनी पड़ती है. बावजूद इसके जिम्मेदार तंत्र संवेदनशील नहीं हो रहा है.
कहते हैं नगर आयुक्त
नगर आयुक्त श्रीकांत शास्त्री ने कहा कि कोई जानबूझ कर बार-बार कूड़े में आग लगा देता है. ऐसे लोगों की शिनाख्त की जा रही है, जल्द ही कार्रवाई की जायेगी. इस संबंध में स्थानीय थाना पुलिस से भी शिकायत की जायेगी.
लोगों को बीमार कर रहा विषैला धुआं
न सिर्फ शहर के मुहाने पर, बल्कि शहर के विभिन्न चौक-चौराहों पर लगातार कचरा जलाये जाने के कारण आये दिन आम जन अलग-अलग प्रकार की बीमारियों के गिरफ्त में फंसते जा रहे हैं.
फिजिशियन चिकित्सक डॉ के रंजन ने बताया कि प्लास्टिक युक्त कचरा जलाये जाने के कारण हवा में कार्बन-डाइऑक्साइड, सल्फरडाई ऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड जैसी घातक गैस व लैरोसेल जैसे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक कणों की मात्रा काफी बढ़ जाती है. जैसे-जैसे वातावरण में कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा बढ़ती जाती है, वैसे-वैसे पृथ्वी की रक्षा करने वाली ओजोन परत पतली होती जा रही है.
जिसके कारण सूर्य से आने वाली हानिकारक किरणें सीधी हमारे ऊपर पड़ती है, जिससे त्वचा का कैंसर जैसी बीमारियां होने की संभावना बढ़ जाती है. प्रदूषित हवा के कारण अस्थमा, दमा, कैंसर, सिर दर्द, पेट की बीमारियां, एलर्जी, दिल की बीमारी हो सकती है. इन बीमारियों के कारण आये दिन कई लोगों की मौत भी हो रही है.
विषैले धुएं के दुष्प्रभाव
स्वच्छ हवा और ऑक्सीजन की कमी के कारण असमय जीव-जंतुओं की मृत्यु.
बिगड़ेगा पृथ्वी पर हवा का संतुलन, होगा विनाश.
होगी तेजाब की वर्षा, होंगी बीमारियां.
बढ़ेगा पृथ्वी का तापमान, पिघलेंगे ग्लेशियर, होगा जलप्लावन.
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