लापरवाही की हद: सड़क निर्माण के लिए खोदा गया था गड्ढा, बाढ़ में पानी भर जाने के कारण हो गया हादसा

Published at :12 Sep 2018 5:58 AM (IST)
विज्ञापन
लापरवाही की हद: सड़क निर्माण के लिए खोदा गया था गड्ढा, बाढ़ में पानी भर जाने के कारण हो गया हादसा

मंगल हुआ अमंगल एक साथ चार छात्राओं के डूबने से गांव में मचा कोहराम, तीज पर मातम मुंगेर/हवेली खड़गपुर : हवेली खड़गपुर प्रखंड के गालिमपुर निचली बहिरा ग्राम वासियों के लिए मंगलवार का दिन काला दिवस साबित हुआ. जहां गांव के ही चार अलग-अलग परिवार की चार छात्राओं की मौत करहरिया चौर में स्नान करने […]

विज्ञापन

मंगल हुआ अमंगल

एक साथ चार छात्राओं के डूबने से गांव में मचा कोहराम, तीज पर मातम
मुंगेर/हवेली खड़गपुर : हवेली खड़गपुर प्रखंड के गालिमपुर निचली बहिरा ग्राम वासियों के लिए मंगलवार का दिन काला दिवस साबित हुआ. जहां गांव के ही चार अलग-अलग परिवार की चार छात्राओं की मौत करहरिया चौर में स्नान करने के दौरान डूबने से हो गई. इस घटना को लेकर पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसरा है. जहां तीज व चौथचंदा की तैयारी को लेकर हर्षोल्लास का माहौल था, वहीं इस घटना के बाद गांव में मायूसी छा गयी है. हालांकि इस घटना के पीछे सड़क निर्माण करने वाले ठेकेदारों को भी दोषी ठहराया जा रहा है. जिसके द्वारा सड़क निर्माण के लिए उक्त स्थान पर काफी गहरा गड्ढा खोदा दिया गया था. स्थानीय लोगों की मानें तो काश यदि वहां पर पूर्व से गड्ढा खोदा हुआ नहीं रहता तो शायद ऐसी घटना नहीं होती.
देखते ही देखते डूब गयी चार छात्राएं
चौर में आयी बाढ़ के पानी को गंगा का पानी मान कर निचली बहिरा गांव की दर्जनों महिलाएं, युवतियां व युवक मंगलवार को स्नान के लिए जखराज स्थान के समीप गये थे. स्नान करने के दौरान अनुज कुमार सिंह उर्फ कारु सिंह की 17 वर्षीय पुत्री अनुराधा उर्फ अनु कुमारी, अरुणजय कुमार सिंह की 17 वर्षीय पुत्री आरती कुमारी, पंकज कुमार सिंह की 16 वर्षीय पुत्री रितु कुमारी तथा राजन सिंह की 14 वर्षीय पुत्री प्रिया कुमारी अचानक गहरे पानी में चली गयी.
जिसे डूबते देख वहां खड़ी महिलाओं ने शोर मचाना शुरू कर दिया. महिलाओं के शोर मचाने पर कुछ दूरी पर स्नान कर रहे गांव के ही छोटू कुमार, सुमित कुमार एवं कन्हैया कुमार ने मिलकर चारों छात्राओं को पानी से बाहर निकाला. जिसके बाद गंभीर हालत में सभी छात्राओं को बरियारपुर स्थित एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया. जहां चिकित्सकों ने चारों छात्राओं को मृत घोषित कर दिया. जिसके बाद घटना से मर्माहत परिजन एवं ग्रामीण बच्चियों के शव को लेकर पुनः गांव चले आये. तभी कुछ लोगों ने एक छात्रा को हिचकी आने की बात कह दी. जिसके बाद घटनास्थल पर पहुंचे बीडीओ सत्यनारायण पंडित, प्रभारी सीओ निशांत कुमार पटेल एंव शामपुर थानाध्यक्ष विजय कुमार यादवेंन्दु ने अपने वाहनों में ही सभी छात्राओं को लेकर सदर अस्पताल पहुंचाया. किंतु यहां भी चिकित्सक ने चारों को मृत घोषित कर दिया. जिसके बाद मृतक का पोस्टमार्टम करवा कर शव परिजनों को सौंप दिया गया.
गड्ढे का होता पता, तो नहीं जाती जान: मालूम हो कि जिस गड्ढे में गांव की छात्राओं की डूबकर मौत हुई, वह गड्ढा मनरेगा मद से बनारसी वासा से सती द्वार के बीच सड़क निर्माण कार्य के लिए खोदा गया था. स्थानीय लोग बताते हैं कि वह गड्ढा जेसीबी से खोदा गया था, जो लगभग 12 फीट गहरा व 6 फीट चौड़ा था. अनजाने में छात्राओं का पांव फिसला और चारो उस गड्ढ़े में डूब गयी. जिसमें चौर के समानांतर गंगा का पानी भरा हुआ था. सवाल उठता है कि जब वहां पर गड्ढा खोदा गया तो फिर बाद में उसे क्यों नहीं भरा गया. यदि गड्ढा को मिट्टी या मलवे से भरने के पहले उसमें बाढ़ का पानी भर गया तो उसके चारों ओर खतरे का संकेत क्यों नहीं दिया गया था. यदि इस तरह की सावधानी बरती गयी होती तो या सबों को पहले से उस गड्ढ़े के बारे में पता होता तो शायद छात्राओं की जान नहीं जाती.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन