मोतिहारी.तुरकौलिया के शंकर सरैसा पुल के पास से गिरफ्तार पाक गिरोह से जुड़े साइबर फ्रॉड तनवीर आलम उर्फ हैदर के पास से जो मोबाइल बरामद हुआ है, उससे कई चौकाने वाले खुलासे हुए है. उसके मोबाइल से तीन पाकिस्तानी नंबर मिले हैं, जिसपर तनवीर लगातार चैटिंग व ऑडियो कॉलिग करता था. साथ ही तीनों पाकिस्तानी नंबरों से उसके व्हाट्सएप पर स्कैनर व बैंक अकाउंट के आदान-प्रदान का भी साक्ष्य पुलिस को हाथ लगा है. पुलिस सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तानी नंबर से ही तनवीर के पास फीजा प्रवीण के एक्सिस बैंक का अकाउंट नंबर भेज उसमे पैसा डालने के लिए कहा गया था, जिसके बाद तनवीन ने फीज प्रवीण के उक्त अकाउंट में मोटी रकम डाली थी. पुलिस ने उसके अकाउंट को पोर्टल पर चेक किया तो ऑनलाइन फाइनेंशियल फ्रॉड की शिकायत दर्ज थी. इसके अलावा पीएनबी के अकाउंट पर यूपी व हरियाणा में तीन शिकायत, एक्सिस बैंक के एक अन्य खाता पर हरियाणा व यूपी में पांच शिकायत दर्ज मिले है. पुलिस का कहना है कि ठगी के अधिकांश पैसों की लेनदेन एसबीआई खाता नंबर 44702098604, एक्सीस बैंक के खाता नंबर 92502040228557 व एचडीएफसी बैंक के खाता नंबर 501006221664966 हुआ है.उक्त तीनों बैंक अकाउंट में साइबर फ्रॉड के पैसों को सीडीएम किया गया है. एचडीएफसी बैंक के खाता में सीडीएम करने का प्राप्ति रसीद चैटिंग में उपलब्ध है, जो पुलिस को हाथ लग गया है. प्राप्त रसीद से यह जानकारी मिली कि साइबर ठगी का 16 हजार व एक हजार रुपये 29 दिसंबर को राजा बाजार बलुआ सीडीएम मशीन से तालिब के खाता में सीडीएम किया गया है. इससे यह साफ होता है कि साइबर अपराधी म्यूल खाता में साइबर ठगी का पैसा का चेन ब्रेक कर सीडीएम के जरिए उपरोक्त तीनों सीडीएम खाता में पैसा डिपॉजिट करते थे. इससे उक्त तीनों खाता धारक के साइबर अपराध में संलिप्तता से इंकार नहीं किया जा सकता. साइबर डीएसपी अभिनव पराशर ने कहा कि तीनों खाता के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है. फिलहाल तनवीर के अलावा झारखंड रामगढ के मयंक भास्कर के अलावा उक्त तीनों खाता धारक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर अनुसंधान किया जा रहा है.
छतौनी के होटल में 21 से 27 दिसंबर तक रहा है झारखंड का मयंक
छतौनी के भवानी होटल में झारखंड का साइबर फ्रॉड मयंक भास्कर 21 से 27 दिसम्बर तक रहा है. पुलिस ने होटल पहुंच छानबीन की तो पता चला कि मयंका व तनवीर 21 दिसम्बर को होटल पहुंचे थे. मयंक के नाम पर कमरा नंबर 203 बुक हुआ था. वहीं 23 दिसम्बर को कमरा नंबर 106 उसके नाम पर बुक था. 24 व 27 को भी मयंक कमरा नंबर 106 में ही ठहरा था. सात दिनों तक होटल में ठहर शहर के अलग-अलग एटीएम में जाकर सीडीएम के माध्यम से साइबर ठगी का पैसा पाक में बैठे अपने आकांओं के कहने पर उनके बताये अकाउंट में डालता था.
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