Motihari: पताही. पूर्वी चंपारण के पताही प्रखंड अंतर्गत पदुमकेर एक ऐसी जगह है जिसकी चर्चा इतिहास में दर्ज है. यहां के खेतों में उपजे चावल में घी का स्वाद मिलता है. इस जगह को वर्तमान में सरकार जीर्णोद्धार कार्य करवा रही है. यहां ऐतिहासिक ””घुड़दौड़ पोखर”” के जीर्णोद्धार का कार्य शुरू भी हो गया है. राजा शिव सिंह द्वारा वर्ष 1413 से 1416 के बीच निर्मित इस पोखर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रगति यात्रा के दौरान वरिष्ठ पत्रकार प्रकाश सिंह की मांग पर इसके विकास का निर्देश दिया था.
दो चरणों में पूरी होगी परियोजना
प्रथम चरण: जल संसाधन विभाग 10 करोड़ की लागत से 1.75 किलोमीटर में फैले पोखर की सफाई, जलकुंभी निकासी और खुदाई का कार्य करेगा. खुदाई से निकली मिट्टी का उपयोग आकर्षक ””वॉकिंग ट्रैक”” बनाने में होगा.द्वितीय चरण: पर्यटन विभाग 14 करोड़ की लागत से इसे आधुनिक पर्यटन सुविधाओं से लैस करेगा.
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