मोतिहारी: अब पंचायत में बैठेंगे मनरेगा कर्मी, योजनाओं की जमीनी हकीकत की होगी जांच

Updated:
विज्ञापन

सांकेतिक तस्वीर

मोतिहारी में मनरेगा योजनाओं के क्रियान्वयन को गति देने के लिए 'शून्य डे' की पहल शुरू की गई है. इसके तहत, मनरेगा कर्मी अब महीने में दो दिन संबंधित पंचायतों में रहकर योजनाओं का स्थल निरीक्षण करेंगे. इस पहल से योजनाओं की जमीनी हकीकत सामने आएगी और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा.

विज्ञापन

Motihari News: मोतिहारी. सदर प्रखंड मनरेगा में योजनाओं के क्रियान्वयन को गति देने और पंचायत स्तर पर निगरानी व्यवस्था मजबूत करने के लिए शून्य डे की पहल शुरू की गई है. इसके तहत मनरेगा से जुड़े सभी कर्मियों को महीने में दो दिन संबंधित पंचायत में रहकर योजनाओं का स्थल निरीक्षण करना होगा. प्रभारी कार्यक्रम पदाधिकारी (पीओ) कुमार सुमित ने बताया कि पंचायत में कर्मियों की मौजूदगी से योजनाओं की जमीनी स्थिति की जानकारी मिलेगी और कार्यों की निगरानी बेहतर तरीके से हो सकेगी.

पंचायत में रहकर योजनाओं का करेंगे निरीक्षण

शून्य डे के दौरान मनरेगा कर्मी संबंधित पंचायतों में चल रही योजनाओं का स्थल निरीक्षण करेंगे. इस दौरान मजदूरों की उपस्थिति, मस्टर रोल, कार्य की प्रगति और कार्यस्थल पर योजनाओं की वास्तविक स्थिति की जांच की जाएगी.

इसके साथ ही लंबित योजनाओं को पूरा कराने और निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर भी विशेष नजर रखी जाएगी.

इन योजनाओं की होगी निगरानी

मनरेगा कर्मियों को जल संरक्षण एवं जल संचयन से जुड़ी योजनाओं की जांच करनी होगी. इसके अलावा आहर-पइन, तालाब एवं पोखर निर्माण और जीर्णोद्धार, नाला निर्माण, भूमि विकास, पौधरोपण और सार्वजनिक परिसंपत्तियों के निर्माण सहित अन्य स्वीकृत योजनाओं का भी निरीक्षण किया जाएगा.

व्यक्तिगत लाभ से जुड़ी मनरेगा योजनाओं की स्थिति भी कर्मी स्थल पर जाकर देखेंगे.

मजदूरों को समय पर मिलेगा रोजगार

शून्य डे का उद्देश्य पंचायत स्तर पर मनरेगा के कार्यों को प्रभावी बनाना और जरूरतमंद मजदूरों को समय पर रोजगार उपलब्ध कराना है. कर्मियों की पंचायत में मौजूदगी से मजदूरों की समस्याओं की जानकारी सीधे प्राप्त हो सकेगी.

इसके अलावा मस्टर रोल में दर्ज मजदूरों की उपस्थिति और वास्तविक कार्यस्थल पर मौजूद मजदूरों का मिलान करने में भी मदद मिलेगी.

कागजी काम के बजाय स्थल निरीक्षण पर जोर

प्रभारी पीओ कुमार सुमित ने स्पष्ट किया कि शून्य डे के दौरान कर्मियों को पंचायत में रहकर केवल कागजी काम नहीं करना है. उन्हें मनरेगा योजनाओं की वास्तविक स्थिति देखने के लिए स्थल निरीक्षण करना होगा.

कार्य में लापरवाही, अनियमितता या मस्टर रोल और कार्यस्थल की स्थिति में अंतर मिलने पर इसकी रिपोर्ट वरीय अधिकारियों को दी जाएगी.

यह भी पढ़ें: किसानों की आवाज से राज परिवार की विरासत तक, महाराज धनंजय विक्रम शाह को नम आंखों से विदाई


विज्ञापन
सामंत कुमार गौतम

लेखक के बारे में

By सामंत कुमार गौतम

सामंत वर्ष 2013 से यानी पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. वाणिज्य (बी.कॉम) और कानून (एलएलबी) स्नातक सामंत को समाचार संकलन, संपादन, कंप्यूटर तकनीक और समाचार प्रबंधन का व्यापक अनुभव है. ये पत्रकारिता के साथ-साथ समाचारों के तकनीकी व प्रबंधकीय कार्यों में विशेष रुचि रखते हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन