मोतिहारी.नेपाल में रवि श्रीवास्तव व उसके सिंडिकेट के एक दर्जन बदमाशों की गिरफ्तारी के बाद मोतिहारी के पतौरा में जाली नोट छापने का खुलासा हुआ. रवि ने जाली नोट छापने के लिए पतौरा में भाड़े पर एक मकान लिया था, जबकि परिवार को छतौनी बंगाली कॉलोनी में भाड़े के मकान में रखा था. पुलिस ने सबसे पहले बंगाली कॉलोनी में छापेमारी की. उसकी पत्नी की निशानदेही पर पतौरा में पुलिस ने छापेमारी की तो वहां से प्रिंटर, कम्प्यूटर सहित अधछपा पांच सौ का जाली नोट बरामद हुआ. पुलिस की यह कार्रवाई सदर डीएसपी वन दिलीप कुमार व सदर डीएसप टु जितेश कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में की गयी. पुलिस ने रवि के पत्नी से भी गहन पूछताछ की, लेकिन जाली नोट की छपायी के संबंध में उसे कुछ जानकारी नहीं थी. जिसके बाद पुलिस ने उसकी पत्नी को छोड़ दिया. सदर डीएसपी ने बताया कि रवि ने पतौरा में अरूण साह नामक एक व्यक्ति का घर सात-आठ माह पहले किराये पर लिया था. भाड़े का वह मकान महीना में दो-चार बार ही खुलता था.पुलिस का कहना है कि जाली नोट के डिमांड के बाद रवि व उसके सहयोगी मोतिहारी आकर नोट की छपायी करते थे, उसके बाद फिर नेपाल चले जाते थे. बताया जाता है कि एक सप्ताह पहले नेपाल पुलिस ने बारा व कलेया में छापेमारी कर जाली नोट की तस्करी से जुड़े दर्जन भर बदमाशों काे पकड़ा था. उन बदमाशों ने रवि श्रीवास्तव भी था. उसके खुलासे पर नेपाल पुलिस ने मोतिहारी पुलिस से सम्पर्क की. बताया कि रवि का परिवार बंगाली कॉलोनी में रहता है, जबकि पतौरा में नोट छापने के लिए भाड़े का मकान ले रखा है. सूचना मिलते ही रविवार देर रात को पुलिस टीम ने बंगाली कॉलोनी व पतौरा में छापेमारी कर प्रिंटर, अधछपा पांच सौ का नोट सहित अन्य सामान बरामद किया.
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