Madhuban: प्रखंड परिसर में दम तोड़ रहा ई-किसान भवन, बिना प्लास्टर जर्जर हो रही करोड़ों की इमारत

Published by :Aniket Kumar
Published at :12 May 2026 9:14 AM (IST)
विज्ञापन
Madhuban News _east champaran e kisan bhawan construction incomplete

जर्जर ई-किसान भवन

Madhuban News: ​पूर्वी चंपारण के मधुबन में 1.14 करोड़ की लागत से बनने वाला ई-किसान भवन 15 वर्षों से अधूरा है. छत ढलाई के बाद काम बंद होने से भवन अब खंडहर बन रहा है, जिससे किसानों को मिट्टी जांच और प्रशिक्षण जैसी सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है. पढे़ं पूरी खबर…

विज्ञापन

मोतिहारी के मधुबन से शशि चंद्र तिवारी की रिपोर्ट

Madhuban News: बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाएं सिस्टम की उदासीनता के कारण कैसे दम तोड़ती हैं, इसका जीता-जागता उदाहरण मधुबन प्रखंड परिसर में दिख रहा है. यहां वर्ष 2011-12 में शुरू हुआ ई-किसान भवन का निर्माण 15 साल बाद भी अधूरा है. आलम यह है कि एक करोड़ 14 लाख रुपये की लागत से बनने वाला यह भवन अब खंडहर में तब्दील होने लगा है.

​11 वर्षों से लटका है काम

​बताया जाता है कि निर्माण शुरू होने के बाद छत की ढलाई तो हुई, लेकिन पिछले 11 वर्षों से काम पूरी तरह ठप है. न प्लास्टर हुआ और न ही फर्नीचर का काम शुरू हो सका. फिलहाल, इस आधे-अधूरे और असुरक्षित भवन में एक आधार केंद्र संचालित किया जा रहा है. रखरखाव के अभाव में भवन के हिस्से अब टूटने लगे हैं.

​सुविधाओं से वंचित हैं किसान

​इस भवन को आधुनिक सुविधाओं जैसे मिट्टी जांच लैब, किसान प्रशिक्षण हॉल, इंटरनेट सुविधा और अधिकारियों के आवास के लिए बनाया जाना था. लेकिन भवन तैयार न होने के कारण वर्तमान में कृषि कार्यालय सीआरपीएफ के एक पुराने भवन में चल रहा है. इससे किसानों को तकनीकी जानकारी और विभागीय सुविधाओं के लिए भटकना पड़ता है.

​क्या कहते हैं अधिकारी?

​प्रखंड कृषि पदाधिकारी (BAO) मुनेश्वर प्रसाद सिंह ने बताया कि भवन की जर्जर और अधूरी स्थिति से वरीय अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है. निर्माण पूरा कराने के लिए विभाग को पत्र भेजा गया है. वहीं, स्थानीय किसानों ने जल्द से जल्द काम पूरा करने की मांग की है ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ एक छत के नीचे मिल सके.

विज्ञापन
Aniket Kumar

लेखक के बारे में

By Aniket Kumar

अनिकेत बीते 4 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. राजस्थान पत्रिका और न्यूजट्रैक जैसे मीडिया संस्थान के साथ काम करने का अनुभव. एंटरटेनमेंट, हाईपरलोकल और राजनीति की खबरों से अधिक जुड़ाव. वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ कार्यरत.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन