अब अस्पतालों की लापरवाही नहीं चलेगी, मेडिकल कचरा नियम तोड़ने वालों पर होगी कानूनी कार्रवाई

Updated:
विज्ञापन
मोतिहारी के डीएम सौरभ सुमन यादव (फाइल फोटो)

मोतिहारी के डीएम सौरभ सुमन यादव (फाइल फोटो)

पूर्वी चंपारण में मेडिकल कचरे के अनुचित निस्तारण पर जिला प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं. जिलाधिकारी ने सभी स्वास्थ्य संस्थानों को जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली-2016 का पालन करने का निर्देश दिया है. नियमों का उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

विज्ञापन

Motihari DM Action: पूर्वी चंपारण में अस्पतालों और नर्सिंग होम से निकलने वाले जैव चिकित्सा (बायो-मेडिकल) कचरे के निस्तारण को लेकर जिला प्रशासन सख्त हो गया है. जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्तरीय अनुश्रवण समिति की बैठक में सरकारी और निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम, क्लीनिक व पैथोलॉजी केंद्रों की व्यवस्था की समीक्षा की गई. बैठक में मेडिकल कचरा प्रबंधन को लेकर कई अहम निर्देश जारी किए गए.

मेडिकल कचरा सामान्य कचरे के साथ नहीं मिलाया जाए

बैठक में निर्देश दिया गया कि जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली-2016 का सभी स्वास्थ्य संस्थानों को सख्ती से पालन करना होगा. मेडिकल कचरे को खुले में या इधर-उधर फेंकने पर रोक रहेगी. साथ ही इसे सामान्य ठोस कचरे के साथ मिलाने की भी अनुमति नहीं होगी. सभी अस्पतालों को कचरे का सुरक्षित पृथक्करण और वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण सुनिश्चित करना होगा.

अधिकृत एजेंसी से जुड़ना होगा अनिवार्य

डीएम ने सभी सरकारी और निजी स्वास्थ्य संस्थानों को निर्देश दिया कि वे अधिकृत कॉमन बायो-मे

डिकल वेस्ट ट्रीटमेंट सेंटर से जुड़कर नियमित रूप से मेडिकल कचरे का उठाव सुनिश्चित करें. इसके साथ ही बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण परिषद से आवश्यक प्राधिकार जल्द प्राप्त करने के भी निर्देश दिए गए.

लापरवाह एजेंसी को 15 दिन का अल्टीमेटम

बैठक के दौरान मेडिकल कचरा उठाने वाली एजेंसी की कार्यप्रणाली पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई. उन्होंने एजेंसी को 15 दिनों के भीतर व्यवस्था में शत-प्रतिशत सुधार करने का अल्टीमेटम दिया. तय समय में सुधार नहीं होने पर आगे की कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई.

कलर कोड और निगरानी समिति होगी अनिवार्य

सभी अस्पतालों और नर्सिंग होम में मेडिकल कचरे का पृथक्करण निर्धारित कलर कोड के अनुसार करना अनिवार्य होगा. वहीं सदर अस्पताल, अनुमंडल अस्पताल सहित सभी स्वास्थ्य संस्थानों में जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन की निगरानी के लिए विशेष समिति गठित करने का भी निर्देश दिया गया.

हर छह महीने होगी समीक्षा

डीएम सौरभ सुमन यादव ने स्पष्ट कहा कि जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली-2016 का उल्लंघन करने वाले स्वास्थ्य संस्थानों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. साथ ही व्यवस्था की नियमित निगरानी के लिए जिला स्तरीय अनुश्रवण समिति की समीक्षा बैठक अब हर छह महीने में अनिवार्य रूप से आयोजित होगी.

यह भी पढे़ं: Kotwa News: जमीन के दस्तावेज जमा करने की अंतिम तिथि बढ़ी, अब 20 जुलाई तक मिलेगा मौका


विज्ञापन
Intejarul Haq

लेखक के बारे में

By Intejarul Haq

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन