ePaper

Motihari : जिले में आफत बनी मूलसाधार बारिश व आंधी, शहर से लेकर गांव तक डूबे सड़क व पेड़ गिरने से आवागमन ठप

Updated at : 04 Oct 2025 10:33 PM (IST)
विज्ञापन
Motihari : जिले में आफत बनी मूलसाधार बारिश व आंधी, शहर से लेकर गांव तक डूबे सड़क व पेड़ गिरने से आवागमन ठप

जिलों में भयंकर आफत की बारिश का कहर जारी है. शुक्रवार की रात से शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने पूरे जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया.

विज्ञापन

मोतिहारी. जिलों में भयंकर आफत की बारिश का कहर जारी है. शुक्रवार की रात से शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने पूरे जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया. इससे शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गयी है. इस भारी बारिश से तबाही का मंजर भी दिखना शुरू हो गया है. बारिश और आंधी आफत बन गयी है. शनिवार को पुरेदिन आंधी व बारिश का दौर जारी रहा. इसके कारण स्कूलों को बंद करनी पड़ा, भारी बारिश के बीच तेज हवा के कारण सड़कों पर जगह-जगह पेड़ गिरने से आवागमन बाधित रहा. बारिश से फसलें बर्बाद हो गई हैं. सड़कें पूरी तरह से पानी में डूब चुकी हैं. नगर निगम क्षेत्र के कई गली-मोहल्ले जलमग्न हो गए हैं. जिला मुख्यालय में सदर अस्पताल परिसर व मुख्य पथ में भारी जल जमाव का नजारा देखने को मिला. मोतीझील मैरिन ड्राइव पथ पर घुटने भर पानी लग गया, जिससे वाहनों के आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ा. गली-मोहल्ला में भारी जल-जमाव की स्थिति उत्पन्न हो गयी है. अधिकांश नाला ओवर फ्लो कर सड़कों पर बह रहे है. नीचले इलकों में भारी जल-जमाव की परेशानी से लोगों को जुझना पड़ रहा है. इसबीच जल-निकासी को ले निगम टीम भी प्रयासरत रही, लेकिन बारिश नहीं रुकने के कारण समस्या यथावत बना रहा. नगर आयुक्त सौरभ सुमन यादव ने स्वयं शहर में जल-जमाव का जायजा लिया. उनके नेतृत्व में निगम के पदाधिकारियों की टीम ने शहर में बारिश से जल-जमाव वाले इलाकों का जायजा लिया. इस दौरान अस्पताल परिसर सहित कई जगहों से पानी निकालने का प्रयास भी किया गया.

सड़कें तालाब में बदलीं, आवागमन ठप

शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक की अधिकांश सड़कें बारिश के पानी से लबालब भर गई हैं. मुख्य बाजार, आवासीय इलाकों और गांव की गलियों में जगह-जगह पानी जमा हो गया है. इससे आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया है. लोग मजबूरी में घुटनों तक पानी से होकर गुजरने को विवश हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्थिति बेहद गंभीर है.खेत-खलिहान से लेकर पक्की और कच्ची सड़कों तक हर जगह पानी फैल गया है. निचले इलाकों के घरों में बारिश का पानी घुस जाने से लोग सामान सुरक्षित करने और अपने बच्चों को संभालने में जुटे हैं.

आंगनवाड़ी केंद्र और स्कूल बंद

जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और जलजमाव को देखते हुए जिलाधिकारी सौरभ जोरवान ने शनिवार को जिले के सभी विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखा. डीएम ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय छात्रों और आम लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है. भारी बारिश और सड़कों पर जलजमाव के कारण बच्चों का विद्यालय आना-जाना जोखिमपूर्ण हो सकता है. इसलिए पठन-पाठन कार्य एक दिन के लिए पूरी तरह स्थगित रहा. लगातार बारिश से जिले के कई हिस्सों में जनजीवन प्रभावित है. प्रशासन ने आपदा प्रबंधन दल को अलर्ट पर रखा है और किसी भी आकस्मिक स्थिति में तुरंत मदद उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है.

दशकों बाद ऐसी बारिश

कई बुजुर्गों ने बताया कि इस तरह की बारिश उन्होंने दशकों बाद देखी है. सामान्यतः मानसून के दौरान मूसलाधार बारिश होती है, लेकिन इतनी लंबी अवधि तक लगातार बारिश के साथ इतनी तेज गर्जना और बिजली की कड़क शायद ही कभी देखने को मिली हो. कृषि विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक करीब शनिवार को सुबह आठ बजे तक 112.8 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गयी है. जो अक्तूबर माह में पिछले 15 साल के रिकॉर्ड में सर्वाधिक बारिश माना जा रहा है.

प्रशासन और मौसम विभाग की अपील

लगातार हो रही बारिश और जलजमाव को देखते हुए जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें. बिजली के पोल, पेड़ों और जलमग्न इलाकों से दूर रहें.साथ ही, आपदा प्रबंधन दल को सतर्क रखा गया है ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति में त्वरित मदद दी जा सके. मौसम विभाग ने भी आने वाले 24 घंटों में भारी बारिश और वज्रपात की संभावना जताते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है. पुसा मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार बारिश के दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और ठनका गिरने की भी आशंका है.

14 घंटे का ब्लैक आउट

आंधी और भारी बारिश के बीच शहर के कई हिस्सों से बिजली भी गुल रही. इस दौरान कृष्ण नगर, अगरवा, गायत्री नगर सहित कई मोहल्ला में करीब 14 घंटें तक ब्लैक आउट की स्थिति बनी रही. शाम पांच बजे तक बिजली स्पलाई चालू नहीं हुआ. इससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा. लंबे समय तक बिजली आपूर्ति ठप रहने से लोगों के घरों में पीने के लिए पानी भी कम पड़ गयी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
DIGVIJAY SINGH

लेखक के बारे में

By DIGVIJAY SINGH

DIGVIJAY SINGH is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन