बिहार में MDM रसोइयों के लिए सख्त निर्देश, जन्मतिथि में नहीं होगा बदलाव

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MDM रसोइयों की जन्मतिथि पर शिक्षा विभाग का कड़ा फरमान

स्कूल में मिड डे मिल बनाती हुई रसोइया

बिहार शिक्षा विभाग ने मध्याह्न भोजन (MDM) योजना के रसोइयों-सह-सहायकों के लिए जन्मतिथि संबंधी नियमों में बड़ा बदलाव किया है. अब चयन के समय दिए गए दस्तावेज ही अंतिम माने जाएंगे और बाद में आधार या अन्य प्रमाण पत्रों के आधार पर जन्मतिथि में कोई संशोधन स्वीकार नहीं होगा.

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मोतिहारी: बिहार शिक्षा विभाग के मध्याह्न भोजन (MDM) योजना निदेशालय ने रसोइया-सह-सहायक की सेवानिवृत्ति और जन्मतिथि से जुड़े मामलों में बड़ा फैसला लिया है. निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि रसोइया-सह-सहायक के चयन के समय विद्यालय शिक्षा समिति को दिए गए जन्मतिथि संबंधी दस्तावेज ही अंतिम रूप से मान्य होंगे. चयन के बाद बने आधार कार्ड या जन्म प्रमाणपत्र के आधार पर अब जन्मतिथि में किसी भी तरह का संशोधन स्वीकार नहीं किया जाएगा.

निदेशक ने जारी किया सख्त निर्देश

मध्याह्न भोजन योजना निदेशालय के निदेशक विनायक मिश्र (भा.प्र.से.) ने सभी जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों (MDM) को पत्र जारी कर इस संबंध में स्पष्ट निर्देश दिए हैं. पत्र में कहा गया है कि चयन के समय उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों के आधार पर ही एमआईएस (MIS) पोर्टल में दर्ज जन्मतिथि को अंतिम माना जाएगा और उसी के आधार पर 60 वर्ष की आयु पूरी होने पर रसोइया-सह-सहायक कार्यमुक्त होंगे.

आधार कार्ड या नए जन्म प्रमाणपत्र से नहीं बदलेगी जन्मतिथि

निदेशालय ने साफ कर दिया है कि चयन के बाद जारी आधार कार्ड, जन्म प्रमाणपत्र या किसी अन्य नए दस्तावेज के आधार पर एमआईएस पोर्टल में जन्मतिथि सुधारने का कोई भी अनुरोध स्वीकार नहीं किया जाएगा. हाल के दिनों में कई जिलों से ऐसे प्रस्ताव मिलने के बाद विभाग ने यह सख्त आदेश जारी किया है.

नियम तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई

आदेश में कहा गया है कि यदि किसी प्रखंड साधन सेवी (BRP) ने नियमों के विपरीत एमआईएस पोर्टल में गलत जन्मतिथि दर्ज की है, तो उन्हें चिन्हित कर कार्रवाई की जाएगी. वहीं चयन के बाद के दस्तावेज संलग्न कर निदेशालय को प्रस्ताव भेजने वाले जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों के खिलाफ भी लापरवाही और आदेश की अवहेलना का मामला विभाग को भेजा जाएगा.

आयु सीमा भी की गई स्पष्ट

निदेशालय ने दोहराया है कि रसोइया-सह-सहायक के चयन के लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 40 वर्ष निर्धारित है. वहीं 60 वर्ष की आयु पूरी होने पर संबंधित कर्मी स्वतः सेवानिवृत्त माने जाएंगे.

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अमृतेश कुमार

लेखक के बारे में

By अमृतेश कुमार

अमृतेश 15 वर्षों से प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. खबर पर हमेशा पैनी नजर रखने वाले अमृतेश को क्षेत्रीय और जमीनी स्तर की रिपोर्टिंग का लंबा अनुभव है. वर्तमान में ये डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में अपनी लेखनी के जरिए लगातार सक्रिय हैं.

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