सहयोग पोर्टल पर शिकायत के बाद भी नहीं मिला समाधान, जमाबंदी लिए भटक रहा आवेदक

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सहयोग पोर्टल पर शिकायत के बाद भी नहीं मिला समाधान, जमाबंदी लिए भटक रहा आवेदक

Bihar Sahyog Portal: सहयोग पोर्टल पर शिकायत के बावजूद जमाबंदी की सत्यापित प्रति नहीं मिलने का आरोप. मोतिहारी के आवेदक ने अंचल कार्यालय पर लापरवाही का आरोप लगाया.

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Bihar Sahyog Portal: पूर्वी चंपारण के मोतिहारी में बिहार सरकार के सहयोग पोर्टल (RTMS) पर शिकायत दर्ज कराने के बाद भी समाधान नहीं मिलने का मामला सामने आया है. सदर प्रखंड के चन्द्रहिया बंकट निवासी भारत मांझी का आरोप है कि जमाबंदी की सत्यापित प्रति प्राप्त करने के लिए आवेदन देने के कई दिन बाद भी उन्हें दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराया गया. उनका कहना है कि बार-बार अंचल कार्यालय का चक्कर लगाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो सका है.

सहयोग शिविर में दिया था आवेदन

जानकारी के अनुसार, भारत मांझी ने 18 जून 2026 को आयोजित सहयोग शिविर के माध्यम से आवेदन दिया था. आवेदन संख्या REF416824 के तहत उन्होंने जमाबंदी की सत्यापित प्रति उपलब्ध कराने की मांग की थी.

आवेदन के अनुसार मामला खाता संख्या-187, खेसरा संख्या-141/1, जमाबंदी संख्या-537 और थाना संख्या-194 से संबंधित है. शिकायत राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को भेजी गई है तथा इसे कार्रवाई के लिए अपर जिला दंडाधिकारी (एडीएम) स्तर पर अग्रसारित भी किया गया है.

कई दिन बाद भी नहीं मिली सत्यापित प्रति

आवेदक का कहना है कि आवेदन देने के कई दिन बाद भी अंचल कार्यालय की ओर से उन्हें जमाबंदी की सत्यापित प्रति उपलब्ध नहीं कराई गई है. उनका आरोप है कि निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद काम लंबित रखा गया है.

भारत मांझी ने बताया कि उन्होंने अपनी समस्या को लेकर अंचलाधिकारी से भी मुलाकात की थी. अंचलाधिकारी ने संबंधित कर्मियों को आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया था, लेकिन इसके बाद भी कोई ठोस प्रगति नहीं हुई.

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कार्यालय के चक्कर लगाने को मजबूर

आवेदक का आरोप है कि संबंधित कर्मचारी काम पूरा करने के बजाय उन्हें लगातार कार्यालय आने के लिए कह रहे हैं. इससे उन्हें समय और आर्थिक दोनों तरह की परेशानी उठानी पड़ रही है.

उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि उनकी शिकायत का शीघ्र समाधान कराया जाए और जमाबंदी की सत्यापित प्रति उपलब्ध कराई जाए, ताकि उन्हें अनावश्यक रूप से सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें.

प्रशासनिक व्यवस्था पर उठे सवाल

यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब सरकार सहयोग पोर्टल और राजस्व सेवाओं के डिजिटलीकरण के माध्यम से लोगों को समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने का दावा कर रही है. ऐसे में शिकायत दर्ज होने और संबंधित अधिकारियों तक मामला पहुंचने के बावजूद समाधान नहीं होने से व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं. हालांकि, इस मामले में संबंधित विभाग की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.

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सामंत कुमार गौतम

लेखक के बारे में

By सामंत कुमार गौतम

सामंत वर्ष 2013 से यानी पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. वाणिज्य (बी.कॉम) और कानून (एलएलबी) स्नातक सामंत को समाचार संकलन, संपादन, कंप्यूटर तकनीक और समाचार प्रबंधन का व्यापक अनुभव है. ये पत्रकारिता के साथ-साथ समाचारों के तकनीकी व प्रबंधकीय कार्यों में विशेष रुचि रखते हैं.

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