Bihar News: बिहार में घोड़पड़ास को मारने के लिए हैदाराबाद से आयेंगे स्पेशल शूटर, वन विभाग ने तैयारी की अपनी कार्ययोजना

Published by : Radheshyam Kushwaha Updated At : 13 Feb 2025 12:11 AM

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सांकेतिक तस्वीर

Bihar News: बिहार में घोड़पड़ास को मारने के लिए हैदाराबाद से स्पेशल शूटर आ रहे है. इसके लिए वन विभाग ने अपनी कार्ययोजना तैयार कर ली है.

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Bihar News: बिहार के मोतिहारी में घोड़पड़ास के आतंक से परेशान किसानों के लिए राहत भरी खबर है. खेतों में लगी फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले घोड़पड़ासों व सुअरों की अब खैर नहीं है. उन्हें मार गिराने के लिए हैदराबाद के स्पेशल शूटर चंदन रेड्डी को बुलाया जाएगा. आतंक फैलाने वाले सभी इन जानरों को चिन्हित कर लिया गया है. किसानों से प्राप्त आवेदनों के आधार पर तमाम तरह की प्रक्रियाएं की जा रही हैं. इनके आतंक से परेशान करीब 1800 किसानों ने आवेदन दिया है, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की जा रही है. वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, उन्हें मार गिराने के लिए पूरी कार्ययोजना तैयार कर ली गयी है. शूटर उन्हें मारकर सुरक्षित स्थान पर दफानायेंगे. किसी तरह की समस्या न हो, इसके लिए वे अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे.

15 से 20 प्रतिशत फसलें होती हैं बर्बाद

इन घोड़पड़ासों के आतंक के कारण किसानों को भारी क्षति होती है. एक अनुमान के अनुसार, प्रतिवर्ष 15 से 20 प्रतिशत फसलें नुकसान होती हैं. उनके आतंक से जान को भी क्षति पहुंचती है. वे झूंड के साथ चलते हैं और किसी आदमी के अकेले पड़ जाने पर उनपर हमला भी कर देते हैं. जानकारों की मानें तो कई तरह की परेशानियां भी इनसे होती है. जिले के तुरकौलिया, कोटवा, सदर, सहित कई प्रखंडों में इस तरह की सूचनाएं समय समय पर मिलती रहती है. लेकिन अब किसानों को इन जानवरों के आतंक से राहत मिलने की उम्मीद है.

मुखियों की स्वीकृति जरूरी

इन घोड़पड़ासों को मार गिराने के लिए मुखियों की सहमति जरूरी होती है. आवेदनों के आधार पर पंचायत के मुखियों से सहमति ली जाती है और उसके बाद शूटर को मारने के लिए बुलाया जाता है. किसी तरह समस्या इनके मारने को लेकर न हो, इसका भी पूरा ख्याल रखा जाता है.

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300-500 रुपये प्रतिघोड़पड़ास होता है भुगतान

इन घोड़पड़ासों को मारने वाले को राशि का भुगतान किया जाता है. पंचायती राज विभाग प्रति घोड़पड़ास तीन सौ या पांच सौ रुपये का भुगतान करती है. विभाग राशि सीधे शूटर के खाते में भेजती है. शूटर के रहने की भी व्यवस्था की जाती है.

कहते हैं अधिकारी

पूर्वी चंपारण जिला वन प्रमंडल पदाधिकारी राजकुमार शर्मा ने बताया कि घोड़पड़ासों को मारने के लिए पूरी कार्ययोजना वन विभाग ने तैयार कर ली है. हैदराबाद से शूटर चन्दन रेड्डी को बुलाया जाएगा.

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Radheshyam Kushwaha

लेखक के बारे में

By Radheshyam Kushwaha

राधेश्याम कुशवाहा ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से MJ (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म) की शिक्षा प्राप्त करने के बाद अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत भोपाल से प्रकाशित राज एक्सप्रेस समाचार पत्र से की. इसके बाद उन्होंने समय जगत, राजस्थान पत्रिका और हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं. वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म, अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 13 वर्षों का अनुभव रखने वाले राधेश्याम कुशवाहा को ज्योतिष शास्त्र, पंचांग गणना, ग्रह गोचर, नक्षत्र परिवर्तन, व्रत-त्योहारों की तिथियों तथा शुभ मुहूर्तों का गहन ज्ञान है. अपनी विशेषज्ञता के आधार पर वे धर्म-अध्यात्म और राशिफल से जुड़ी सटीक, तथ्यपरक एवं विश्वसनीय खबरें लिखते हैं. धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन में उनकी विशेष रुचि है. इसके अलावा राजनीति, अपराध और प्रेरणादायक (पॉजिटिव) विषयों पर लेखन में भी उनकी गहरी रुचि है.

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