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जिले में धान आच्छादन का शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा

Updated at : 08 Aug 2024 10:50 PM (IST)
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जिले में धान आच्छादन का शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा

जिले में धान रोपनी का लक्ष्य शत प्रतिशत पूरा हो गया है. इस साल खरीफ सीजन में एक लाख 85 हजार 799 हेक्टेयर में धान की खेती किसानों ने की है.

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मोतिहारी.जिले में धान रोपनी का लक्ष्य शत प्रतिशत पूरा हो गया है. इस साल खरीफ सीजन में एक लाख 85 हजार 799 हेक्टेयर में धान की खेती किसानों ने की है. इसके साथ ही कृषि विभाग का आच्छादन लक्ष्य पूरा हो गया है. विभागीय आंकड़ों के मुताबिक जिले को एक लाख 84 हजार 963 हेक्टेयर में धान आच्छादन का लक्ष्य मिला था. इसके विरुद्ध अबतक 100.45 प्रतिशत रोपनी हुई है. इनमें सर्वाधित धान की रोपनी कल्याणपुर प्रखंड में 11 हजार 161 हेटेयर, ढ़ाका में 10 हजार 331 हेक्टेयर, पताही में 9 हजार 235 हेक्टेयर, मोतिहारी में 8 हजार 945 हेक्टेयर व आदापुर प्रखंड में 8 हजार 408 हेक्टेयर में हुई है. वहीं प्रखंडों को जारी लक्ष्य के अनुसार अरेराज, बनकटवा, चिरैया, ढ़ाका, हरसिद्धि, पहाड़पुर, पकड़ीदयाल, पताही, रामगढ़वा, रक्सौल, सुगौली, तेतरिया व तुरकौलिया ने धान अच्छादन लक्ष्य को शत-प्रतिशत पूरा किया है. इनमें कुछके प्रखंडों में लक्ष्य से अधिक धान की रोपनी हुई है. शेष प्रखंड शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा करने में पिछे है.

अरहर व मक्का आच्छादन लक्ष्य भी पूरा

जिले में मक्का आच्छादन का आठ हजार 462 हेक्टेयर लक्ष्य में विरुद्ध आठ हजार 725 हेक्टेयर में खेती हुई है. जो लक्ष्य का 103.11 प्रतिशत है. वहीं दलहन अरहर की एक हजार 863 हेक्टेयर के विरूद्ध दो हजार 27 हेक्टेयर में खेती हुयी है. जो आच्छादन लक्ष्य का 108.80 प्रतिशत है. उरद फसल का आच्छादन लक्ष्य के विरुद्ध तीन सौ 48.41 हेक्टेयर के विरुद्ध 252.54 हेक्टेयर में खेती हुई है. जो लक्ष्य का करीब 72.48 प्रतिशत है.

पिछले 48 घंटे से मौसम सुहाना, अगस्त माह में 55.11 एमएम हुई बारिश

पूर्वी चंपारण में बीते 48 घंटे से मौसम सुहाना है. इस दौरान रूक-रूककर हो रही बारिश से सूख रहे फसल को राहत मिली है. अगस्त माह में अबतक करीब 55.11 एमएम बारिश दर्ज की गयी है. बारिश से मौसम में पर्याप्त नमी है. इन सबसे धान की खेती को काफी फायदा हुआ है. गांव-कस्बों में धान की खेतों में हरियाली देखते बन रही है. जगह-जगह किसान बारिश के फसल में यूरिया की टॉप ड्रेसिंग भी कर रहे है. इससे पौधा के विकास में मदद मिलेगा. बारिश का आम जनजीवन को उमस भरी गर्मी से राहत भी मिली है. लेकिन धान की खेती के नजरिए से देखें तो मुसलाधार बारिश की दरकार है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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