Mother Veronica Birth Anniversary पर कार्मेल हाई स्कूल ने नृत्य और संगीत से दिया उनके जीवन का संदेश...

Updated at : 30 Sep 2023 12:25 PM (IST)
विज्ञापन
Mother Veronica Birth Anniversary पर कार्मेल हाई स्कूल ने नृत्य और संगीत से दिया उनके जीवन का संदेश...

छात्राओं ने सुंदर गीतों की प्रस्तुति की जो मदर के अर्थपूर्ण जीवन को समर्पित था. नृत्य नाटिका की सुंदर प्रस्तुति से स्कूल के छात्र और उसके दर्शक भाव विभोर हो गए. यह गीत और नृत्य प्रस्तुति मदर के जीवन मूल्यों पर आधारित थी.

विज्ञापन

कार्मेल हाई स्कूल पटना की ओर से शनिवार (30 सितंबर) को कार्मेल की संस्थापिका मदर वेरोनिका के द्विशताब्दी जन्म दिवस मनाया गया. इस अवसर पर विद्यालय के सभागार में एक नृत्य के द्वारा मदर वेरोनिका के जीवन को बताया गया. स्कूल में कार्यक्रम की शुरुआत प्रार्थना से हुआ जो मदर वेरोनिका की सूक्तियों पर आधारित था. इसके बाद प्रार्थना नृत्य से कार्यक्रम आगे बढ़ा. छात्राओं ने सुंदर गीतों की प्रस्तुति की जो मदर के अर्थपूर्ण जीवन को समर्पित था.

undefined

नृत्य नाटिका की सुंदर प्रस्तुति से स्कूल के छात्र और उसके दर्शक भाव विभोर हो गए. यह गीत और नृत्य प्रस्तुति मदर के जीवन मूल्यों पर आधारित थी.कार्यक्रम की अंतिम प्रस्तुति ग्रैंड फिनाले में सेवा, त्याग और मानवता के प्रति समर्पित मदर के जीवन को दर्शाया गया. इसके बाद राष्ट्रगान के साथ इस सुंदर, सुखद और सरस दिन की समाप्ति हुई.

undefined
कौन थी मदर वेरोनिका

मदर वेरोनिका नी मिस सोफी लीव्स, सिस्टर्स ऑफ द अपोस्टोलिक कार्मेल, मैंगलोर की संस्थापक, गहरी धार्मिक और अत्यधिक बौद्धिक थीं. वह अंग्रेज थी, कॉन्स्टेंटिनोपल में ब्रिटिश दूतावास के एक एंग्लिकन पादरी की बेटी थी. प्रार्थना और त्याग के जीवन की परिणति सेंट जोसेफ ऑफ द अपैरिशन की बहनों की मंडली में युवाओं की शिक्षा के लिए उनके पूरे समर्पण के साथ हुई. 14 सितंबर, 1851 को उन्होंने पैशन की सिस्टर मैरी वेरोनिका का नाम लिया.

undefined

वह भारत आईं और कालीकट में संत कार्मेलाइट बिशप मैरी एफ़्रेम से मिलीं, जिन्होंने अपोस्टोलिक कार्मेल की स्थापना के काम में उनका मार्गदर्शन किया, जो शिक्षण के लिए समर्पित कार्मेलाइट महिलाओं का एक समूह है. उन्होंने होली सी की मंजूरी प्राप्त की और अपनी मंडली को छोड़कर, वह फ्रांस के कार्मेल ऑफ पाउ में शामिल हो गईं और फिर फ्रांसीसी, अंग्रेजी और आयरिश युवा लड़कियों का एक समूह तैयार किया और उन्हें 1870 में भारत भेजा.

undefined

तीन साल बाद जब अपोस्टोलिक कार्मेल भारतीय धरती पर मजबूती से स्थापित हो गया, तो वह पऊ के कार्मेल में लौट आई, जिससे अपोस्टोलिक कार्मेल उनकी प्रार्थनाओं और स्नेह का विशेष उद्देश्य बन गया. आज बहनें प्राथमिक, उच्च विद्यालयों, शिक्षक-प्रशिक्षण संस्थानों, डिग्री कॉलेजों और तकनीकी स्कूलों (जो क्षेत्रीय भाषा और अंग्रेजी माध्यम दोनों में संचालित होती हैं) के साथ-साथ अस्पतालों, क्रेच, बच्चों की जरूरतों को पूरा करती हैं. भारत, श्रीलंका, कुवैत, पाकिस्तान, बहरीन, फ्रांस, इटली, केन्या और तंजानिया में घर, हॉस्टल और बोर्डिंग हाउस.

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन