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Madhubani News : तीन डॉक्टर व 12 जीएनएम के वेतन भुगतान पर लगी रोक

Updated at : 19 Nov 2025 9:28 PM (IST)
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Madhubani News : तीन डॉक्टर व 12 जीएनएम के वेतन भुगतान पर लगी रोक

स्वास्थ्य विभाग की तमाम कोशिशों के बाद भी चिकित्सकों व कर्मियों की मनमानी थमने का नाम नहीं ले रहा है.

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मधुबनी. स्वास्थ्य विभाग की तमाम कोशिशों के बाद भी चिकित्सकों व कर्मियों की मनमानी थमने का नाम नहीं ले रहा है. सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार ने दिन व शाम में ही नहीं बल्कि रात में भी स्वास्थ्य संस्थानों का औचक निरीक्षण कर रहे हैं, ताकि जिले में स्वास्थ्य सुविधा को बेहतर किया जा सके. इसी क्रम में सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार ने बुधवार को सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान विभिन्न वार्डों में कार्यरत तीन चिकित्सकों सहित 12 जीएनएम अनुपस्थित पाये गये. जिनके वेतन भुगतान पर रोक लगा दी गयी है. इस संबंध में सिविल सर्जन ने प्रभारी उपाधीक्षक सदर अस्पताल डॉ. राजीव रंजन को अनुपस्थित चिकित्सकों एवं कर्मियों से अपने मंतव्य के साथ स्पष्टीकरण उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है. वहीं दूसरी ओर मंगलवार को सिविल सर्जन ने पंडौल प्रखंड के अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मोकरमपुर का निरीक्षण किया इस दौरान सीएचओ आंकाक्षा कुमारी, एएनएम ललिता कुमारी व लीली शर्मा अनुपस्थित पायी गयी. सिविल सर्जन ने तीनों कर्मियों के वेतन भुगतान पर रोक लगा दी है. साथ ही प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी पंडौल को अपने मंतव्य के साथ स्पष्टीकरण मांगा है. समय से संतोषप्रद जवाब प्राप्त नहीं होने पर संबंधित चिकित्सकों के विरुद्ध यथोचित कार्रवाई की जाएगी. सिविल सर्जन ने कहा कि ओपीडी में चिकित्सकों की अनुपस्थिति प्रभारी उपाधीक्षक, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी एवं स्वास्थ्य प्रबंधक की शिथिलता को दर्शाता है. तीन चिकित्सकों सहित एक दर्जन से अधिक कर्मी रहे अनुपस्थित सिविल सर्जन ने बुधवार को सदर अस्पताल एवं इससे पूर्व मंगलवार को एपीएचसी मोकरमपुर का औचक निरीक्षण किया. औचक निरीक्षण के दौरान सदर अस्पताल के तीन चिकित्सक एवं 12 जीएनएम व एपीएचसी मोकरमपुर के सीएचओ सहित तीन एएनएम निरीक्षण क्रम में अनुपस्थित पाए गए. सीएस ने कहा कि निरीक्षण में चिकित्सक अपने कर्तव्य से अनाधिकृत रूप से उपस्थित थे. उन्होंने कहा कि इससे स्पष्ट होता है कि चिकित्सकों द्वारा ओपीडी कार्य में अभिरुचि नहीं ली जाती है. जो बिहार सरकारी सेवक नियमावली 1976 के प्रतिकूल है. इस संबंध में प्रभारी उपाधीक्षक सदर अस्पताल डॉ. राजीव रंजन को निर्देशित किया जाता है कि वह अनुपस्थित पाए गए चिकित्सकों एवं कर्मियों को चिह्नित कर उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त कर अपने स्पष्ट मंतव्य के साथ दो दिनों के अंदर उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें. समय एवं संतोषप्रद जवाब प्राप्त नहीं होने पर संबंधित चिकित्सकों के अनुपस्थित अवधि का वेतन अवरुद्ध कर उनके विरुद्ध यथोचित कार्रवाई की जाएगी. सि विल सर्जन ने कहा कि निरीक्षण के बाद सदर अस्पताल के प्रभारी अधीक्षक, अस्पताल प्रबंधक एवं वरीय चिकित्सकों के साथ एक बैठक की. इसमें चिकित्सकों एवं कर्मियों को आपस में समन्वय स्थापित कर स्वास्थ्य सुविधा को बेहतर बनाने का निर्देश दिया. ताकि इलाज के लिए आने वाले मरीज को अस्पताल में बेहतर एवं गुणवत्ता पूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सके. इस दौरान उन्होंने चिकित्सकों से मरीजों के साथ अच्छा व्यवहार करने का निर्देश दिया. साथ ही श चिकित्सकों की समस्याएं भी सुनी और उन समस्याओं को दूर करने का आश्वासन दिया. उन्होंने कहा कि कार्य स्थल से अनुपस्थित होना बर्दाश्त योग्य नहीं है. चेतावनी देते हुए सीएस ने कहा चिकित्सक व कर्मी अपने रोस्टर के अनुरूप कार्य स्थल पर उपस्थित रहे अन्यथा संबंधित के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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GAJENDRA KUMAR

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By GAJENDRA KUMAR

GAJENDRA KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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