मधुबनी.
पंडौल थाना क्षेत्र के ककना में ब्रह्मस्थान की जमीन को लेकर हुए विवाद में विनय चंद्र झा की हुई हत्या मामले की प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनामिका टी की न्यायालय में सजा के बिंदु पर शनिवार को सुनवाई हुई. न्यायालय ने दोनों पक्ष की बहस सुनने के बाद और अभिलेख पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर आरोपी ककना निवासी लाल मिश्र पिता, नवीन कुमार मिश्र पुत्र एवं आयुष कुमार झा उर्फ सम्मी को दफा 302 भादवि में आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनायी है. साथ ही न्यायालय ने सभी को दस- दस हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है. जुर्माने की राशि नहीं देने पर छह- छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी. न्यायालय ने आरोपी नवीन कुमार मिश्र को दफा 302 भादवि के अलावे 27 आर्म्स एक्ट में तीन वर्ष कारावास व दस हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है. सरकार की ओर से बहस करते हुए अपर लोक अभियोजक अजीत कुमार सिन्हा एवं सूचक के अधिवक्ता कन्हैया जी झा ने बहस करते हुए न्यायालय से कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की थी. वहीं बचाव पक्ष से अधिवक्ता संजय कुमार मिश्र व राजेश कुमार ने बहस करते हुए कम से कम सजा देने की मांग की थी.ब्रह्मस्थान की जमीन लेकर हुआ था विवाद
अभियोजन के अनुसार घटना 17 जुलाई 2023 की शाम की है. गांव के ही ब्रह्मस्थान की जमीन के लिए दोनों पक्षों के बीच विवाद हो गया. तत्काल वहां उपस्थित ग्रामिणों ने विवाद को शांत करा दिया. करीब सात बजे आरोपी बाइक से फिर ब्रह्मस्थान पहुंचा और विनय चन्द्र झा उर्फ विनय कुमार झा की आंख और नाक के बीच गोली मार दी. जिससे वे जख्मी होकर नीचे गिर पड़े. परिजन उन्हें सदर अस्पताल लेकर आये. जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था. मामले को लेकर मृतक के पिता सुकमार झा के फर्द बयान पर पंडौल थाने में प्राथमिकी दर्ज की गयी थी.
परिजन को मुआवजा देने का आदेश
अपर लोक अभियोजक अजीत कुमार सिन्हा के अनुसार न्यायालय ने मृतक की पत्नी एवं उसके बच्चे को मुआवजा देने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार को आदेश दिया है. मुआवजे की राशि प्राधिकार की कमिटी तय करेगी.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

