Madhubani News : कवि गोष्ठी में बही काव्य रस की धारा

शहर के प्रो. जेपी सिंह के आवास पर शनिवार को स्वचालित कवि गोष्ठी का आयोजन हुआ.
मधुबनी. शहर के प्रो. जेपी सिंह के आवास पर शनिवार को स्वचालित कवि गोष्ठी का आयोजन हुआ. प्रो. सिंह की प्रतिबद्धता और दिशा निर्देश व उदय जयसवाल के कुशल संयोजन एवं प्रो. शुभ कुमार वर्णवाल के सक्रिय सहयोग से फरवरी की गोष्ठी संध्या चार बजे से दयानंद झा की अध्यक्षता में आयोजित हुई. इसकी शुरुआत विज्ञान दिवस को समर्पित आइ विज्ञान दिवस कविता से की गयी. प्रो. जेपी सिंह की कविता मुर्दा है आजादी अपनी, मुर्दा हिंदुस्तान है वर्तमान व्यवस्था और समाज पर किया. वहीं, अभियंता राणा ब्रजेश की कविता प्रकृति तेरा एहसास अनूठा वसंत आगमन से प्रकृति के सौंदर्य में परिवर्तन को इंगित कर रही थी. कवयित्री अनामिका चौधरी की दृढ़ संकल्प और भोलानंद झा की योग भक्ति शक्ति का मिलन कविता खूब सराही गई. वरिष्ठ अधिवक्ता ऋषिदेव सिंह की कविता देशक गाथा गाउ, शिवनारायण साह की कविता सपने कहां-कहां ढूंढू, और अरविंद प्रसाद की कविता मान मिथिला माटिके बढ़ाबक छै को भी लोगों ने खूब पसंद किया. नरेश कुमार ठाकुर ने जहां अपने नव रंग में उमंग में मनाएं होली गीत से होली की शमां बांध दिए, वहीं चंडेश्वर खां ने अपनी लघुकथा वृद्धाश्रम पढ़कर लोगों को बदलते सामाजिक व्यवस्था पर सोचने को विवश कर दिया. भोलानंद झा को एक संगठन द्वारा याज्ञवल्क्य सम्मान, देने की घोषणा के लिए उन्हें बधाई और शुभकामनाएं भी दी गई. संचालन रेवतीरमण झा ने किया. डा. विनय विश्वबंधु ने आगत कवियों और साहित्य प्रेमियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया.
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