घोघरडीहा.प्रखंड की बसुआरी पंचायत में पंचायत सरकार भवन निर्माण कार्य पर न्यायालय ने रोक लगा दी है. यह आदेश सिविल जज सीनियर डिवीजन झंझारपुर ने भूमि दानदाता सीताराम यादव के पौत्र एवं उत्तराधिकारी लक्ष्मी नारायण यादव की याचिका पर सुनाया है. याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि उनके दादा सीताराम यादव ने उक्त भूमि पंचायत हित में विशेष शर्तों के साथ दान दी थी. दान की शर्तों के अनुसार जमीन का उपयोग केवल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, पशु अस्पताल और पंचायत भवन जैसे सार्वजनिक कार्यों के लिए किया जा सकता है. किसी भी अन्य निर्माण से पूर्व दाता के उत्तराधिकारी की अनुमति आवश्यक है. लेकिन अंचल अधिकारी शशांक सौरव ने बिना अनुमति के विवादित जमीन पर पंचायत सरकार भवन निर्माण के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी कर दिया. जिसे कोर्ट ने गलत ठहराते हुए निर्माण पर रोक लगा दी. कोर्ट ने स्थानीय थाना को यह सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया है कि जब तक मामला सुलझ न जाए, तब तक उक्त भूमि पर कोई भी निर्माण कार्य न हो. इस पूरे मामले में प्रशासनिक अनियमितता की भी बात सामने आई है. पंचायत में पर्याप्त मात्रा में सरकारी जमीन उपलब्ध होने के बावजूद सीओ शशांक सौरव पर आरोप है कि उन्होंने निजी हित में विवादित जमीन पर ही भवन निर्माण को प्राथमिकता दी. इसका विरोध मुखिया और दिगंबर प्रसाद मंडल ने किया था. मामला इतना बढ़ा कि दोनों के बीच मारपीट भी हो गई थी. जिसके बाद मुकदमा दर्ज हुआ. मुखिया की मांग है कि पंचायत सरकार भवन का निर्माण बसुआरी रेलवे हॉल्ट के पास स्थित खाली सरकारी जमीन पर किया जाए. जिससे किसी प्रकार का विवाद न हो और जनहित की योजनाएं सुचारू रूप से संचालित हो सके.
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