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Madhubani : तनाव मुक्त रहें, खिलखिलाकर हंसे, हृदय रोग से रहें सुरक्षित

Updated at : 29 Sep 2025 9:41 PM (IST)
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Madhubani : तनाव मुक्त रहें, खिलखिलाकर हंसे, हृदय रोग से रहें सुरक्षित

वर्तमान समय में हर उम्र के लोग हृदय रोग से ग्रसित हो रहे हैं. ऐसे में तनाव मुक्त रहें, खिलखिलाकर हंसे, खूब घूमें और हृदय रोग से सुरक्षित रहने की सलाह चिकित्सकों द्वारा दी जाती है.

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विश्व ह्रदय दिवस की इस वर्ष की थीम है “यूज हर्ट फॉर एक्शन “

40 साल की उम्र के बाद लिपिड प्रोफाइल व बीपी की नियमित कराएं जांच

मधुबनी . वर्तमान समय में हर उम्र के लोग हृदय रोग से ग्रसित हो रहे हैं. ऐसे में तनाव मुक्त रहें, खिलखिलाकर हंसे, खूब घूमें और हृदय रोग से सुरक्षित रहने की सलाह चिकित्सकों द्वारा दी जाती है. विश्व हृदय दिवस एक महत्वपूर्ण वार्षिक आयोजन है, जो हर साल 29 सितंबर को मनाया जाता है. इस दिन हृदय रोग और हृदय संबंधी बीमारियों के प्रबंधन के लिए निवारक उपायों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए दुनिया भर में विभिन्न गतिविधियों और जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है. इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य लोगों को हृदय रोग के लक्षणों के बारे में शिक्षित करना है. ताकि आगे कोई जटिलता न हो और लोगों को हृदय संबंधी बीमारियों को रोकने और नियंत्रित करने के लिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके. लोगों में जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से हर साल पूरे विश्व में 29 सितंबर को विश्व हृदय दिवस मनाया जाता है. इस दौरान सदर अस्पताल सहित सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर विशेष कैम्प का आयोजन कर लोगों को गैर संचारी रोगों विशेष रूप से हृदय से सम्बंधित रोगों से बचाव की जानकारी दी गई. इस वर्ष, विश्व हृदय दिवस की थीम है ” एक धड़कन न चूकें. ” यह विषय हृदय स्वास्थ्य में निरंतर सतर्कता के महत्व पर जोर देता है, व्यक्तियों को चेतावनी के संकेतों को अनदेखा न करने, स्वस्थ आदतों को बनाए रखने, नियमित जांच का समय निर्धारित करने और हृदय रोग से संबंधित मौतों को रोकने के लिए समय पर चिकित्सा सहायता लेने के लिए सक्रिय होने के लिए प्रोत्साहित करता है.

विश्व हृदय दिवस का महत्व

हृदय मानव शरीर के महत्वपूर्ण अंगों में से एक है. इसके खराब होने से मृत्यु भी हो सकती है. इसलिए हर किसी के लिए हृदय स्वास्थ्य का ध्यान रखना बहुत ज़रूरी है. हृदय स्वास्थ्य और जीवनशैली की आदतों के बारे में जागरूकता की कमी के कारण, हृदय रोग (सीवीडी) दुनिया भर में मृत्यु दर के प्रमुख कारणों में से एक है. हर साल लगभग 1.7 करोड़ लोग हृदय रोग के कारण मरते हैं, जो वैश्विक मृत्यु दर का लगभग 31 प्रतिशत है. हृदयाघात, स्ट्रोक और कोरोनरी हृदय रोग हृदय संबंधी विकारों के कारण होने वाली मौतों के सबसे आम कारणों में से एक हैं. हृदय संबंधी बीमारियों के कारण होने वाली कुल मौतों में से लगभग 85 प्रतिशत मौतें इन हृदय विकारों के कारण होती हैं. विश्व हृदय दिवस दुनिया भर के लोगों को हृदय स्वास्थ्य के महत्व को समझने के लिए जागरूक करने और जागरूकता पैदा करने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए अन्य संगठनों को एक साथ लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है..

40 की उम्र के बाद हृदय रोग को लेकर रहें सचेत :

सिविल सर्जन डॉक्टर हरेंद्र कुमार ने बताया कि 40 साल की उम्र के बाद लोगों को हृदय रोग को लेकर सचेत हो जाना चाहिए. हर छह महीने में लिपिड प्रोफाइल और हर तीन महीने में ब्लड प्रेशर (बीपी) की जांच करानी चाहिए. इसके अलावा समय-समय पर शुगर की जांच भी करानी चाहिए.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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DIGVIJAY SINGH

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By DIGVIJAY SINGH

DIGVIJAY SINGH is a contributor at Prabhat Khabar.

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