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Madhubani News : स्वच्छ सर्वेक्षण 2025: जहां-तहां थूकने से शहर की रैंकिंग पर पड़ेगा असर

Updated at : 28 Dec 2025 10:11 PM (IST)
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Madhubani News : स्वच्छ सर्वेक्षण 2025: जहां-तहां थूकने से शहर की रैंकिंग पर पड़ेगा असर

स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 के लिए टूलकिट जारी कर दिया गया है. मूल्यांकन का बड़ा हिस्सा हकीकत व नागरिक फीडबैक पर आधारित होगा.

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मधुबनी.

स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 के लिए टूलकिट जारी कर दिया गया है. मूल्यांकन का बड़ा हिस्सा हकीकत व नागरिक फीडबैक पर आधारित होगा. कुल 12,500 अंकों में से 10,500 अंक फील्ड असेसमेंट और सिटीजन फीडबैक के लिए तय किये गये हैं. सर्वेक्षण की थीम ””””स्वच्छता की नयी पहल-बढ़ाएं हाथ, करें सफाई साथ”””” रखी गयी है. ऐसे में शहर में सड़क, चौक-चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर पान-गुटखा थूकने की बढ़ती प्रवृत्ति शहर की रैंकिंग पर भारी पड़ सकती है.

20 लोकेशन चिह्नित :

स्वच्छ सर्वेक्षण के तहत फील्ड असेसमेंट के लिए 20 प्रमुख लोकेशन चिह्नित किये गये हैं. इसमें प्रमुख रूप से रेड स्पॉट की जांच होगी. रेड स्पॉट वे स्थान हैं, जहां पान-गुटखा और तंबाकू थूकने से लाल निशान बन चुके हैं. मधुबनी नगर निगम एरिया के सरकारी दफ्तरों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में ऐसे रेड स्पॉट आम नजर आ रहे हैं. सड़क पर चलते समय लोगों को बच कर चलना पड़ता है.

इन अहम जगहों पर है रेड स्पॉट :

एक ओर जहां विभाग स्वच्छ सर्वेक्षण को लेकर गंभीरता दिखा रही है, वहीं रेड स्पॉट इनके मंसूबों पर निश्चय ही पानी फेर सकता है. हालात यह है कि सामान्य सार्वजनिक स्थलों की बात दूर, आला अधिकारियों के कार्यालय परिसर, सीढी, मीटिंग हॉल की खिड़की पर भी लोग थूक रहे हैं. जिससे हालत काफी खराब दिख रहा. समाहरणालय, सदर अस्पताल, कोर्ट कैंपस, रेलवे स्टेशन जैसे स्थलों पर रेड स्पॉट साफ दिखायी देता है.

गार्बेज फ्री सिटी के दावे भी सड़कों पर हो रहे फेल :

रैंकिंग में बेहतर प्रदर्शन में गार्बेज फ्री प्वाइंट की बड़ी भूमिका मानी जाती है. इसके लिए नगर निगम गार्वेज प्वाइंट हटाये जाने की बात कह रही है. शहर में साफ सफाई नगर निगम विभागीय स्तर से कर रही है. लेकिन, इस बार जमीनी स्थिति देखने पर गार्बेज फ्री सिटी के दावे कमजोर पड़ते नजर आ रहे हैं. मुख्य सड़कों को छोड़ कर कॉलोनियों की सड़कों पर खुलेआम कचरा डंप किया जा रहा है. लोग कचरा वाहन का इंतजार करने के बजाय सड़क पर या फिर बालकनी से खाली जगहों में कचरा फेंक रहे हैं. आदर्श नगर कॉलॉनी, नारियल बाजार समेत कई रिहायशी इलाकों की सड़कों पर ऐसे हालात देखने को मिल रहे हैं. विस्तारित क्षेत्र में 50 फीसदी से कम ही लोग डोर टू डोर कचरा संग्रहण गाड़ी को कचरा देते है. लोग इधर उधर ही कचरा डालते हैं . मालूम हो कि नगर निगम में करीब तीन साल पहले शामिल लोगों को अब तक घर का गीला एवं सूखा रखने के लिए हाऊस होल्ड डस्टबिन नहीं दिया गया है .

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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GAJENDRA KUMAR

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By GAJENDRA KUMAR

GAJENDRA KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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