Madhubani News : मलेरिया दिवस की तैयारी जोरों पर
Published by :GAJENDRA KUMAR
Published at :20 Apr 2025 10:35 PM (IST)
विज्ञापन

मलेरिया की रोकथाम, बचाव व जागरूकता के लिए जिले में 25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस दिया मनाया जाएगा.
विज्ञापन
मधुबनी
. मलेरिया की रोकथाम, बचाव व जागरूकता के लिए जिले में 25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस दिया मनाया जाएगा. स्वास्थ्य विभाग ने कार्यक्रम को शत-प्रतिशत सफल बनाने की तैयारी शुरू कर दी है. इस दौरान मुख्यालय से लेकर प्रखंड स्तर पर मलेरिया से बचाव के लिए जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा. कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए अपर निदेशक सह राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम ने जिला वेक्टर रोग नियंत्रण पदाधिकारी को पत्र जारी कर जरूरी निर्देश दिया है. एसपीओ ने सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों एवं अस्पतालों में पदाधिकारियों एवं कर्मियों का उन्मुखीकरण करने का निर्देश दिया है. कार्यक्रम के तहत मलेरिया जांच कैंप का आयोजन, प्रखंड एवं जिला स्तर पर क्विज, अनुबंध एवं ड्राइंग प्रतियोगिता आयोजित करने का निर्देश दिया गया है.संक्रमित मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने से होता है मलेरिया
जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. डीएस सिंह ने कहा है कि मलेरिया प्लाजमोडियम परजीवी से संक्रमित मादा एनोफिलिज मच्छर के काटने से होता है. मलेरिया एक तरह का बुखार है. जो किसी भी उम्र के लोगों को हो सकता है. इसमें कंपकंपी के साथ 103 से लेकर 105 डिग्री तक बुखार होता है. लेकिन कुछ घंटों के बाद ही पसीना के साथ बुखार उतर जाता है. लेकिन बुखार आते-जाते रहता है. उन्होंने कहा कि फेलसीपेरम मलेरिया (दिमारी मलेरिया) की अवस्था में तेज बुखार होता है. खून की कमी हो जाती है. बुखार दिमाग पर चढ़ जाता है. फेफड़े में सूजन हो जाता है. पीलिया एवं गुर्दे की खराबी फेलसीपेरम मलेरिया की मुख्य पहचान है.सोते समय मच्छरदानी का करें प्रयोग
डॉ. डीएस सिंह ने मलेरिया से बचने की सलाह देते हुए कहा कि पूरे बदन को ढंकने वाले कपड़े पहनें. सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें. घर के आसपास जलजमाव वाली जगहों को मिट्टी से भर दें. जलजमाव वाले स्थान पर केरोसिन तेल या डीजल डालें. घर के आस-पास बहने वाली नाले की साफ-सफाई करते रहें. उन्होंने कहा कि मलेरिया प्रभावित क्षेत्र में सरकार द्वारा डीडीटी का छिड़काव करायी जाती है. छिड़काव कर्मियों के आने पर उनका सहयोग करें, और छिड़काव की तिथि की जानकारी ग्रामीणों को दें.सरकारी अस्पतालों में जांच और इलाज की मुफ्त व्यवस्था
डॉ सिंह ने कहा कि मलेरिया बुखार होने पर पीड़ित व्यक्ति को नजदीकी सरकारी अस्पताल जाना चाहिए. खून की जांच में मलेरिया निकलने पर डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवा लेनी चाहिए. सरकारी अस्पतालों में इसकी निःशुल्क जांच और इलाज की व्यवस्था है. मलेरिया फैलाने वाला मच्छर किसी स्थान पर ठहरे हुए साफ पानी और धीमी गति से बहने वाली नालियों में अंडे देती है और वही पनपता है.
आशा के लिए प्रोत्साहन राशि की है व्यवस्थाजिला मलेरिया पदाधिकारी डाॅ. डीएस सिंह ने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं को क्षेत्र में जाकर मलेरिया के संदिग्ध मरीजों की आरडीटी किट से जांच की जा रही. इसके लिए प्रति जांच 15 रुपए दी जाती है. साथ ही मरीज मिलने पर उसका इलाज कराने पर 75 रुपये प्रति मरीज अलग से दी जाती है. जिले को मलेरिया से मुक्त करने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है. वर्ष 2030 तक मलेरिया को खत्म करने का लक्ष्य है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




