मछली पालकों के लिए खुशखबरी, सरकार दे रही सब्सिडी, 31 अगस्त से पहले करें ये काम

मछली पालकों के लिए खुशखबरी, सरकार दे रही सब्सिडी
राज्य सरकार ने देसी छोटी मछलियों की घटती प्रजातियों को बचाने और मत्स्य पालकों की आय बढ़ाने के लिए मत्स्य प्रजाति विविधिकरण योजना शुरू की है. योजना के तहत देसी मछलियों के संरक्षण, संवर्धन और वैज्ञानिक उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा. आवेदन की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 है.
Fish Farming Subsidy: बिहार में तेजी से घट रही देसी छोटी मछलियों की प्रजातियों को बचाने और मत्स्य पालकों की आय बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में मत्स्य प्रजाति विविधिकरण योजना शुरू की है. इस योजना के तहत देसी मछलियों के संरक्षण, संवर्धन और वैज्ञानिक तरीके से उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा. सरकार का मानना है कि इससे जैव विविधता सुरक्षित होगी, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और किसानों की आमदनी भी बढ़ेगी.
विलुप्त हो रही देसी मछलियों के संरक्षण पर जोर
मत्स्य विभाग के अनुसार लंबे समय से विदेशी और सीमित प्रजातियों के पालन के कारण कई पारंपरिक देसी मछलियों की संख्या लगातार घट रही है. इसे देखते हुए सरकार ने नई योजना लागू की है. इसके तहत चयनित लाभार्थियों को अनुदान के साथ तकनीकी सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि स्थानीय प्रजातियों का संरक्षण और उत्पादन दोनों बढ़ सके.
किसानों को मिलेगा मछली बीज और तकनीकी सहायता
योजना के तहत मत्स्य पालकों को देसी प्रजातियों का गुणवत्तापूर्ण मछली बीज उपलब्ध कराया जाएगा. साथ ही आधुनिक मत्स्य पालन तकनीकों का प्रशिक्षण और विशेषज्ञों का मार्गदर्शन भी मिलेगा. इससे तालाबों की पारिस्थितिकी बेहतर होगी और संतुलित मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा.
बाजार में देसी मछलियों की अच्छी मांग
मत्स्य विभाग का कहना है कि देसी छोटी मछलियों की बाजार में अच्छी मांग है और इनकी कीमत भी बेहतर मिलती है. ऐसे में इस योजना से किसानों की आय बढ़ने की संभावना है. इसके साथ ही स्थानीय जलाशयों में प्राकृतिक मत्स्य संसाधनों का संरक्षण भी सुनिश्चित किया जा सकेगा.
सिर्फ ऑनलाइन होगा आवेदन, 31 अगस्त अंतिम तिथि
योजना का लाभ लेने के इच्छुक किसान और मत्स्य पालक केवल ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे. आवेदन मत्स्य विभाग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से करना होगा. विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे. आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है.
एक परिवार को मिलेगा एक ही योजना का लाभ
मत्स्य विभाग के अनुसार किसी भी एक व्यक्ति या परिवार को इस योजना के तहत केवल एक ही कंपोनेंट का लाभ मिलेगा. इसका उद्देश्य अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों तक सरकारी सहायता पहुंचाना है.
क्या बोले जिला मत्स्य पदाधिकारी?
जिला मत्स्य पदाधिकारी अंजनी कुमार ने कहा कि विलुप्त होती देसी छोटी मछलियों के संरक्षण के लिए यह योजना शुरू की गई है. उन्नत हैचरी तकनीक से तैयार गुणवत्तापूर्ण मछली बीज भी उपलब्ध कराए जाएंगे. उन्होंने सभी पात्र मत्स्य पालकों से समय रहते आवेदन करने की अपील की, ताकि योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके.
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