Madhubani : क्यूआर कोड से मिलेगी अस्पतालों में उपलब्ध दवा की जानकारी

स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों की सुविधा के लिए एक नई तकनीकी पहल शुरू की है.
Madhubani : मधुबनी. सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को अब यह जानने के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा कि कौन सी दवा उपलब्ध है और कौन नहीं. स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों की सुविधा के लिए एक नई तकनीकी पहल शुरू की है. जिले के सभी अस्पतालों में क्यूआर कोड के स्कैनिंग से दवाओं की उपलब्धता की जानकारी मिल सकेगी. इस पहल से जिला अस्पताल, अनुमंडलीय अस्पताल, रेफरल अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में क्यूआर कोड लगाए जायेंगे. मरीज अपने मोबाइल से इस कोड को स्कैन कर जान सकेंगे कि अस्पताल में कौन-कौन सी दवा उपलब्ध हैं. अलग-अलग स्वास्थ्य केंद्र के लिए अलग-अलग क्यूआर कोड बनाया गया है. इसे संबंधित अस्पताल में प्रदर्शित किया जा रहा है. स्वास्थ्य सेवाओं को पारदर्शी बनाने की दिशा में यह बड़ा कदम है. मरीजों को मुफ्त दवा वितरण की सुविधा का लाभ सही तरीके से मिले. इसके लिए यह तकनीकी पहल की गई है.
हरे और लाल रंग में मिलेगी जानकारी
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी निर्देश के अनुसार जैसे ही मरीज क्यूआर कोड को स्कैन करेगा. उसके मोबाइल स्क्रीन पर उपलब्ध दवाओं की सूची हरे रंग में और अनुपलब्ध दवाओं की सूची लाल रंग में दिखेगी. यह व्यवस्था पूरी तरह रियल टाइम डाटा पर आधारित होगा. इससे मरीज को सटीक और ताजातरीन जानकारी मिल सकेगी.
समय और पैसे दोनों की होगी बचत
सरकारी अस्पतालों में मुफ्त दवा वितरण की व्यवस्था पहले से है. लेकिन मरीजों को दवाओं की उपलब्धता की जानकारी नहीं मिल पाती थी. इससे उन्हें परेशानी होती थी. अब यह समस्या तकनीक के माध्यम से दूर हो जाएगी. यह नई व्यवस्था खासकर उन मरीजों के लिए राहत लेकर आएगी जो दूर-दराज से आते हैं और अस्पताल में दवा नहीं होने की स्थिति में निजी दुकानों से महंगी दवाएं खरीदने को मजबूर हो जाते हैं. अब वे पहले से जान सकेंगे कि संबंधित दवा उपलब्ध है या नहीं. इससे समय और पैसे दोनों की बचत होगी. डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में कदमजिला अनुश्रवण एवं मूल्यांकन पदाधिकारी सुनील कुमार ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की यह पहल राज्य में डिजिटल हेल्थ सर्विसेज की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और मरीजों का भरोसा मजबूत होगा. सरकारी अस्पतालों में तकनीक के बेहतर उपयोग से स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की उम्मीद की जा रही है. इस प्रणाली का संचालन सुचारु रूप से किया गया तो यह आने वाले समय में एक मिसाल बन सकती है.
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