Madhubani: 31 अगस्त तक छूटे बच्चों का होगा एमआर टीकाकरण, स्वास्थ्य विभाग ने तेज की कवायद
प्रतीकात्मक तस्वीर
मधुबनी में खसरा-रूबेला (एमआर) रोग के उन्मूलन के लिए स्वास्थ्य विभाग ने विशेष अभियान शुरू किया है. 31 अगस्त 2026 तक सभी छूटे हुए बच्चों का शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने का लक्ष्य है. इस अभियान में विभिन्न विभागों और संस्थाओं का सहयोग लिया जाएगा.
MR Vaccination Madhubani: खसरा-रूबेला (एमआर) रोग के उन्मूलन का लक्ष्य हासिल करने के लिए मधुबनी में स्वास्थ्य विभाग ने विशेष अभियान तेज कर दिया है. ईडी अमित कुमार पाण्डेय ने जिले में 31 अगस्त 2026 तक विशेष अभियान चलाकर एमआर-1 एवं एमआर-2 टीकाकरण से वंचित और छूटे हुए बच्चों का शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है. इसके लिए सिविल सर्जन एवं जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं.
टीकाकरण से छूटे बच्चों की होगी पहचान
राज्य स्तरीय समीक्षा में सामने आया कि जनवरी से जून के दौरान जिले में कई बच्चे एमआर टीकाकरण से वंचित रह गए हैं. अब इन सभी बच्चों की पहचान कर उन्हें टीका देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.
स्वास्थ्य विभाग की ओर से 9 माह से 5 वर्ष तक की उम्र के ऐसे बच्चों का सर्वे कराया जा रहा है, जिन्हें एमआर-1 या एमआर-2 का टीका नहीं लगा है. सर्वे के आधार पर ऐसे बच्चों की ड्यू लिस्ट तैयार की जाएगी.
14 अगस्त तक तैयार होगी ड्यू लिस्ट
निर्देश के अनुसार टीकाकरण से वंचित बच्चों की ड्यू लिस्ट तैयार कर 14 अगस्त तक प्रखंड स्तर से जिला और जिला स्तर से राज्य मुख्यालय को उपलब्ध करायी जाएगी. इसके आधार पर विशेष अभियान के दौरान बच्चों का टीकाकरण कराया जाएगा.
नियमित टीकाकरण दिवस पर चलेगा विशेष अभियान
स्वास्थ्य विभाग ने निर्देश दिया है कि नियमित टीकाकरण सत्रों के साथ जरूरत के अनुसार अतिरिक्त टीकाकरण सत्र भी आयोजित किए जाएं. हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, पीएचसी, सीएचसी, अनुमंडलीय अस्पताल और जिला अस्पतालों में अतिरिक्त सत्र आयोजित कर सभी पात्र बच्चों को टीका दिया जाएगा.
टीकाकरण के साथ लाभार्थियों को विटामिन-ए की निर्धारित खुराक भी दी जाएगी. विभाग ने सभी टीकाकरण सत्रों में पर्याप्त वैक्सीन की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है.
रोज होगी डेटा एंट्री और प्रगति की समीक्षा
अभियान के दौरान टीका लगाए गए प्रत्येक बच्चे का विवरण एचएमआईएस और यू-विन पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा. जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी प्रतिदिन गूगल शीट के माध्यम से राज्य मुख्यालय को अभियान की प्रगति की रिपोर्ट भेजेंगे.
प्रखंड और जिला स्तर पर नियमित समीक्षा बैठक आयोजित कर अभियान की निगरानी भी की जाएगी.
पंचायत से लेकर जीविका समूह तक की ली जाएगी मदद
शत-प्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्य हासिल करने के लिए विभिन्न विभागों और संस्थाओं का सहयोग लिया जाएगा. पंचायती राज संस्थाओं के जनप्रतिनिधियों, आईसीडीएस, जीविका समूह, सिविल सोसाइटी संगठनों, धर्मगुरुओं और अन्य संबंधित विभागों को अभियान से जोड़ा जाएगा.
इनके माध्यम से लोगों को जागरूक कर टीकाकरण से वंचित बच्चों को टीकाकरण सत्रों तक लाने पर विशेष जोर दिया जाएगा.
31 अगस्त तक 100 प्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्य
ईडी अमित कुमार पाण्डेय ने सूक्ष्म कार्ययोजना के अनुसार विशेष अभियान चलाकर 31 अगस्त 2026 तक एमआर-1 एवं एमआर-2 टीकाकरण से वंचित प्रत्येक पात्र बच्चे का टीकाकरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है.
स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य वर्ष 2026 तक मधुबनी को खसरा-रूबेला मुक्त बनाने की दिशा में निर्धारित लक्ष्य को सफलतापूर्वक हासिल करना है.
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