मधुबनी: दूरस्थ शिक्षा पर पाबंदी के खिलाफ एकजुट हुए शिक्षक, सरकार से नियम बदलने की मांग
Published by : सुनील कुमार सिंह Updated At : 01 Jun 2026 12:45 PM
बैठक में शामिल अतिथि
Madhubani News: प्राइवेट स्कूल एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन के उपाध्यक्ष ब्रह्मदेव यादव ने शिक्षकों को दूरस्थ शिक्षा से रोकने के सरकारी आदेश की निंदा की. उन्होंने इसे शिक्षकों की स्वतंत्रता और मौलिक अधिकारों का हनन बताया. जानिए पूरी खबर…
मधुबनी से के के पुट्टी की रिपोर्ट
Madhubani News: सरकारी विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को दूरस्थ शिक्षा (डिस्टेंस एजुकेशन) में शामिल होने से रोकने के सरकार के नए आदेश की चौतरफा निंदा शुरू हो गई है. प्राइवेट स्कूल एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन के उपाध्यक्ष ब्रह्मदेव यादव ने इस फैसले का कड़ा विरोध किया है. रविवार को आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में उन्होंने कहा कि सरकार के इस कदम से शिक्षकों के मौलिक अधिकारों का हनन हो रहा है.
उच्चतर योग्यता हासिल करने की अनुमति न देना स्वतंत्रता पर हमला
ब्रह्मदेव यादव ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षकों को उच्चतर योग्यता प्राप्त करने के लिए अनुमति नहीं मिलना उनकी मौलिक स्वतंत्रता का हनन है. राज्य सरकार ने सभी जिलों के शिक्षा पदाधिकारियों को आदेश जारी किया है कि किसी भी कोटि के सरकारी शिक्षक को दूरस्थ शिक्षा विश्वविद्यालय से उच्चतर शिक्षा ग्रहण करने की अनुमति न दी जाए. उन्होंने सवाल उठाया कि जब देश भर में दूरस्थ शिक्षा बोर्ड और विश्वविद्यालय विशेष रूप से सेवाकालीन (वर्किंग) लोगों के लिए बनाए गए हैं, तो बिहार के शिक्षकों पर यह पाबंदी क्यों लगाई जा रही है?
गर्मी की छुट्टियों में भी घर छोड़ने पर पाबंदी का विरोध
श्री यादव ने सरकार के अन्य नियमों पर भी तंज कसा. उन्होंने कहा कि बिहार में स्कूलों के प्रधानाचार्य गर्मी की छुट्टी में भी बिना अनुमति के अपने बच्चों के साथ घूमने बाहर नहीं जा सकते. उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि क्या शिक्षकों को अपने परिवार और बच्चों के साथ समय बिताने का भी अधिकार नहीं है? सरकार को शिक्षकों की गरिमा का ख्याल रखते हुए उनसे सम्मानपूर्वक काम लेना चाहिए.
बैठक में कई गणमान्य शिक्षाविद् रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण बैठक में शिक्षा व्यवस्था और शिक्षकों की समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की गई. मौके पर अवकाश प्राप्त प्रधानाध्यापक डॉ. अर्जुन मिश्र, प्रो. गंगाधर कामत, मनोज श्रीवास्तव, दिलीप कुमार यादव, अरविंद लाल, मोहन मंडल, सुबोध यादव, धनंजय यादव और रवि मंडल सहित कई गणमान्य शिक्षाविद् उपस्थित थे. सभी ने सरकार से इस फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की.
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By सुनील कुमार सिंह
सुनील कुमार सिंह प्रभात खबर मल्टीमीडिया में डिप्टी चीफ रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों का समृद्ध अनुभव है। क्राइम और राजनीति से जुड़ी खबरों पर उनकी मजबूत पकड़ है। वे निष्पक्ष रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण के लिए जाने जाते हैं, जिससे पाठकों को सटीक और भरोसेमंद जानकारी मिलती है।
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