Madhubani News: बाल मजदूरी करवा रहे ढाबा संचालक को श्रम विभाग ने धर दबोचा, अधिकारी बोले- 'दोषी बख्शे नहीं जाएंगे'

Edited by Aaruni Thakur
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मुक्त बाल श्रमिक के साथ धावा टीम के सदस्य

Madhubani News: मधुबनी के झंझारपुर प्रखंड में श्रम विभाग ने एनएच 57 स्थित एक ढाबे पर छापेमारी कर एक बाल श्रमिक को मुक्त कराया है. बाल श्रम अधिनियम के तहत दोषी ढाबा संचालक पर प्राथमिकी दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. पढ़ें पूरी खबर...

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Madhubani News: जिले में बाल श्रम उन्मूलन के विशेष अभियान के तहत बुधवार को झंझारपुर प्रखंड में श्रम विभाग के धावा दल द्वारा ताबड़तोड़ कार्रवाई की गई. छापेमारी के दौरान चनौरागंज एनएच 57 स्थित एक ढाबे से एक बाल श्रमिक को काम करते पाया गया. जिसे तत्काल प्रभाव से टीम ने मुक्त कराया.

छापेमारी के दौरान मौजूद थे ये अधिकारी

कार्रवाई के दौरान धावा दल में श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी झंझारपुर चंदन कुमार गुप्ता, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी बाबूबरही राजेश कुमार सिंह, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी अंधराठाढ़ी अमित कुमार, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी खुटौना संतोष कुमार पोद्दार, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी घोघरडीहा संतोष कुमार पोद्दार, जिला पुलिस बल के सदस्य, सर्वोप्रयास संस्था एवं ग्राम विकास युवा ट्रस्ट के प्रतिनिधि शामिल थे.

ढाबा संचालक पर होगी कार्रवाई

ढाबा से छुड़ाने के बाद बाल श्रमिक को जरूरी कानूनी प्रक्रिया करवाने के बाद उसे बाल कल्याण समिति मधुबनी में प्रस्तुत किया जाएगा. जिसके बाद बच्चे के पुनर्वास की कार्रवाई की जाएगी. वहीं दोषी ढाबा संचालक के विरुद्ध बाल श्रम एवं किशोर प्रतिषेध एवं विनियमन अधिनियम 1986 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी.

कानून क्या कहता है

अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से काम कराना गंभीर दंडनीय अपराध है. उनका स्थान स्कूल है, कार्यस्थल नहीं. उल्लंघन करने पर 6 माह की जेल या 50,000 रुपये तक जुर्माना होगा. सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार, दोषी नियोजक को बाल पुनर्वास के लिए 20,000 रुपये अलग से देने होंगे.

मधुबनी से कार्तिक कुमार की रिपोर्ट

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Aaruni Thakur

लेखक के बारे में

By Aaruni Thakur

प्रभात खबर में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत आरुणि ठाकुर, पत्रकारिता के क्षेत्र में गहरी रुचि रखते हैं। देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी करने के बाद, वर्तमान में वे समाजशास्त्र में स्नातकोत्तर कर रहे हैं। विस्तार न्यूज और इंडिया न्यूज जैसे संस्थानों में अनुभव प्राप्त आरुणि को हाइपरलोकल खबरों, राजनीति और डॉक्यूमेंट्री निर्माण में विशेष रुचि है।

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