ePaper

Madhubani : देवी दुर्गा का पट खुला, भक्तों ने किया मां के दिव्य स्वरूप दर्शन

Updated at : 29 Sep 2025 9:58 PM (IST)
विज्ञापन
Madhubani : देवी दुर्गा का पट खुला, भक्तों ने किया मां के दिव्य स्वरूप दर्शन

सोमवार को माता के पट खुलने के बाद श्रद्धालु अगले चार दिनों तक माता की विशेष पूजा करेंगे.

विज्ञापन

मधुबनी . शारदीय नवरात्र की सप्तमी तिथि सोमवार को माता का पट खुलते ही उनके जयकारे से माहौल भक्तिमय हो गया. श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा के भव्य, ममतामयी दिव्य स्वरूप का दर्शन किया. शहर व ग्रामीण क्षेत्रों के विभिन्न दुर्गा मंदिरों में एवं पंडालों में भगवती दर्शन के लिए लोग भीड़ दिखी. विद्वान पंडितों ने मंत्रोच्चार कर नवपत्रिका प्रवेश कराया. इसके बाद भक्तों के दर्शन के लिए मां पट खोला दिख गया. नवरात्र के सातवें दिन मां काल रात्रि की पूजा और रात्रि में निशा पूजा का विधान है. मां कालरात्रि की पूजा वैदिक और तांत्रिक विधि की गयी. मां कालरात्रि मां दुर्गा का सातवां और सबसे उग्र रूप है. जिनका वास्तविक अर्थ ””””””””काल को समाप्त करने वाली”””””””” से है. जो भक्तों को भय, अंधकार, और नकारात्मक शक्तियों से बचाती है. मां का रूप भयानक और भयावह है, लेकिन मां “शुभंकरी ” है, यानी शुभ फल देने वाली देवी है. उनका यह स्वरूप सभी नकारात्मक प्रवृत्तियों का नाश करता है और भक्तों को ज्ञान, वैराग्य, और समस्त प्रकार की सिद्धियां प्रदान करता है. आज से शुरू होगा चार दिवसीय विशेष पूजा सोमवार को माता के पट खुलने के बाद श्रद्धालु अगले चार दिनों तक माता की विशेष पूजा करेंगे. पट खुलने के बाद श्रद्धालुओं को माता का विहंगम दर्शन प्राप्त हुआ. पत्रिका प्रवेश तथा मध्यरात्रि में महानिशा पूजा की गई. मंगलवार 30 सितंबर को महाष्टमी में माता महागौरी की पूजा के साथ श्रृंगार पूजा भी किया जाएगा. वहीं महा नवमी 1 अक्टूबर बुधवार को सिद्धिदात्री माता की पूजा व दुर्गा सप्तशती के पाठ का समापन, हवन, पुष्पांजलि व कन्या पूजन किया जाएगा. आश्विन शुक्ल दशमी गुरुवार 2 अक्टूबर को विजयादशमी पर्व के रूप में मनाएंगे. इसी दिन देवी की विदाई और जयंती धारण किया जाएगा. महाष्टमी पूजा आज मां दुर्गा का अष्टम स्वरूप महागौरी हैं. जो नवदुर्गाओं में से एक हैं और नवरात्र के आठवें दिन उनकी पूजा की जाती है. वह अत्यंत शांत और सौम्य स्वरूप वाली हैं. मां महागौरी ने कठिन तपस्या करके अपना गौर वर्ण प्राप्त किया था. इसलिए उनका नाम महागौरी पड़ा. पं. पंकज झा शास्त्री ने कहा कि ज्योतिष के अनुसार, देवी महागौरी राहु ग्रह को नियंत्रित करती है और उनकी पूजा से राहु के दुष्प्रभाव कम होते हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
DIGVIJAY SINGH

लेखक के बारे में

By DIGVIJAY SINGH

DIGVIJAY SINGH is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन