मधुबनी. श्री महावीर ठाकुर कृषि विज्ञान विद्यालय, संदीप विश्वविद्यालय, सिजौल के तत्वावधान में वर्मी कंपोस्ट के निर्माण प उपयोग पर एक दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन हुआ. मौके पर विभाग के संकाय सदस्यों, कार्यक्रम में बी.एससी. कृषि के छात्रों तथा करीब 50 से अधिक किसानों ने वर्मी कंपोस्ट के प्रशिक्षण में हिस्सा लिया. कार्यक्रम का उद्घोषण डीन, कृषि संकाय डॉ. एमजेड शमीम ने किया. वहीं, स्वेता एस. झा, संकाय सदस्य एवं सॉफ्ट स्किल्स प्रशिक्षक ने वर्मी कंपोस्ट के उपयोग के बारे में बताया. कहा कि वर्मी कंपोस्ट किसानों के लिए वरदान है. यह भी पूरी तरह गोबर, घास से बनाया जाता है. जिसमें किसानों को लागत बहुत कम आती है. वर्मी कंपोस्ट का वर्म(केचुआ) हमारे खेतों के लिए काफी उपयोगी साबित होता है. लोग रासायनिक खाद का उपयोग कर रहे हैं, जो न केवल खेतों की उर्वरा शक्ति को कमजोर कर रहा, बल्कि मानव जीवन के लिए घातक है. ऐसे में हर किसान को वर्मी कंपोस्ट का उपयोग अपने खेतों में करना चाहिए. वहीं, सहायक प्रोफेसर, सत्येंद्र कुमार झा ने वैज्ञानिक विधि, लाभों एवं व्यावसायिक संभावनाओं पर व्याख्यान प्रस्तुत किया. इसके बाद विद्यार्थियों ने किसानों के साथ मिलकर वर्मी कंपोस्ट के निर्माण की प्रायोगिक प्रक्रिया बतायी. कार्यक्रम के समापन में छात्रों की ओर से संक्षिप्त रिपोर्ट प्रस्तुत की गई. जिसमें उन्होंने किसानों से प्राप्त फीडबैक, तकनीकी चुनौतियों और समाधान प्रस्तावों का उल्लेख किया. यह गतिविधि न केवल छात्रों की अकादमिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देती है, बल्कि विश्वविद्यालय और समुदाय के बीच सहयोग और विश्वास की भावना को भी प्रबल बनाती है.
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