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Madhubani News : फाइलेरिया के 12 मरीजों के बीच एमएमडीपी किट का हुआ वितरण, दिया गया प्रशिक्षण

Updated at : 15 May 2025 10:05 PM (IST)
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Madhubani News : फाइलेरिया के 12 मरीजों के बीच एमएमडीपी किट का हुआ वितरण, दिया गया प्रशिक्षण

फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत जिले के बेनीपट्टी एसडीएच में शिविर का आयोजन किया गया.

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मधुबनी.

फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत जिले के बेनीपट्टी एसडीएच में शिविर का आयोजन किया गया. इस दौरान फाइलेरिया के 12 मरीजों के बीच मोरबिडिटी मैनेजमेंट एंड डिसेबिलिटी प्रीवेंशन (एमएमडीपी) किट का वितरण कर इसकी जानकारी दी गई. साथ ही, उन्हें 12 दिनों की फाइलेरिया रोधी दवाओं के साथ उचित परामर्श भी दिया गया. प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ प्रताप नारायण झा ने बताया कि फाइलेरिया से प्रभावित अंगों की साफ-सफाई के साथ नियमित देखभाल भी जरुरी है.स्वास्थ्य विभाग की ओर से उनके बीच एमएमडीपी किट प्रदान किया जा रहा है. इस किट में एक-एक टब, मग, बाल्टी तौलिया, साबुन, एंटी फंगल क्रीम आदि शामिल हैं. लगातार इसका इस्तेमाल करने से प्रभावित अंगों के सूजन में भी कमी आएगी.

साफ-सफाई रखने से संक्रमण का नहीं रहता खतरा :

पिरामल के विवेक कुमार ने बताया कि प्रभावित अंगों की साफ-सफाई व देखभाल जरूरी है. फाइलेरिया ग्रस्त अंगों मुख्यतः पैर की साफ-सफाई रखने से संक्रमण का खतरा नहीं रहता. साथ ही, प्रभावित अंगों के सूजन में भी कमी आती है.

किट के इस्तेमाल से कराया गया अवगत :

शिविर में मरीजों को एमएमडीपी किट का प्रयोग करने के पूर्व मरीजों को पूरी प्रक्रिया से अवगत कराया गया. ताकि वे उपचार की विधि समझ सकें. बताया गया कि किट के इस्तेमाल के दौरान सबसे पहले पैर पर पानी डाल लें. उसके बाद हाथ में साबुन लेकर उसे हलके हाथ से रगड़ें और झाग निकालें. इसके बाद हल्के हाथ से पैर में घुटने से लेकर तलुए तक और उंगलियों के बीच अच्छे से साबुन लगायें. जिसके बाद हल्के हाथ से घुटने से पानी डालकर उसे धो लें. धोने के बाद मुलायम तौलिया लेकर हल्के हाथ से पोछ लें. इसके बाद पैर में जहां पर घाव हो वहां पर एंटी फंगल क्रीम लगायें.

5 से 15 वर्ष में दिखते फाइलेरिया के लक्षण:

क्यूलेक्स मच्छर फाइलेरिया संक्रमित व्यक्ति को काटने के बाद किसी स्वस्थ व्यक्ति को काटता है तो उसे भी संक्रमित कर देता है, लेकिन संक्रमण के लक्षण पांच से 15 वर्ष में उभरकर सामने आते हैं. इससे या तो व्यक्ति को हाथ-पैर में सूजन की शिकायत होती है या फिर अंडकोष में सूजन आ जाती है. महिलाओं को स्तन के आकार में परिवर्तन हो सकता है. मौके पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ प्रताप नारायण झा,बीएचएम सुशील कुमार पासवान, अनिल कुमार साह,शत्रुध्न ठाकुर,रेखा झा, पीरामल फाउंडेशन से विवेक कुमार प्रोग्राम ऑफिसर और आशा फैसिलिटेटर, आशा उपस्थित थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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GAJENDRA KUMAR

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By GAJENDRA KUMAR

GAJENDRA KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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