Madhubani News : मुख्यमंत्री वृद्धाश्रम में बेसहारा बुजुर्गों को मिल रही है निःशुल्क सुविधाएं
Published by : GAJENDRA KUMAR Updated At : 01 Jan 2026 10:15 PM
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मुख्यमंत्री वृद्धजन आश्रय स्थल योजना के तहत बेघर और जरूरतमंद बुजुर्गों के लिए 50 बेड का आश्रय स्थल शुरू हो गया है.
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मधुबनी.
मुख्यमंत्री वृद्धजन आश्रय स्थल योजना के तहत बेघर और जरूरतमंद बुजुर्गों के लिए 50 बेड का आश्रय स्थल शुरू हो गया है, जो उन्हें घर जैसा वातावरण, पौष्टिक भोजन, स्वास्थ्य सेवाएं, योग और मनोरंजन जैसी सुविधाएं मुफ्त प्रदान करता है. जिससे उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने में मदद मिलेगी. इस सुविधा का संचालन नगर निगम द्वारा किया जा रहा है और इसमें प्रशिक्षित कर्मचारी बुजुर्गों की देखभाल के लिए तैनात हैं. जिसमें जीविका दीदी भोजन की व्यवस्था करेगी और एक डिस्पेंसरी भी है. जहां स्वास्थ्य जांच की सुविधा है.घर जैसा वातावरण दिया जा रहा :
वृद्धजन आश्रय स्थल में बुजुर्ग को भोजन, आवासन और देखरेख के लिए जीविका दीदीयों के हाथ का बना पौष्टिक भोजन, केयर टेकर, योगा व मेडिटेशन क्लास, स्वास्थ्य सेवाएं और मनोरंजन की व्यवस्था नि:शुल्क उपलब्ध करायी जा रही है. जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति (जिसमें अपर समाहर्ता, नगर आयुक्त एवं सहायक निदेशक, सामाजिक सुरक्षा सदस्य हैं) आश्रय स्थल के संचालन और देखरेख की निगरानी कर रही है .आश्रय स्थल में डिस्पेंसरी की व्यवस्था की गई है. जहां फिजिशियन, फिजियोथैरेपिस्ट एवं नर्स मौजूद है. वृद्धजनों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए नियमित स्वास्थ्य जांच, योग कक्षाएं एवं मनोरंजन की सुविधाएं उपलब्ध हैं. सामाजिक उत्तरदायित्व की मिसाल यह आश्रय स्थल वृद्धजनों के लिए उम्मीद की किरण बन रहा है. 60 वर्ष से अधिक आयु के ऐसे बुजुर्ग यहां सुरक्षित, सम्मानजनक और गरिमामयी जीवन जी सकते हैं .प्रचार-प्रसार की कमी :
आत्मनिर्भर बिहार के सात निश्चय-टू के शुरू किए गए मुख्यमंत्री वृद्धजन आश्रय स्थल के लिए नगर निगम बेसहारा बुजुर्गों की तलाश में लगा है. दरअसल, करीब तीन महीने पहले आश्रय स्थल खुलने के बावजूद प्रचार-प्रसार के अभाव में अबतक खाली पड़ा है . किराया के साथ ही स्टाफ पर खर्च हो रहा है पर जरुरतमंदों को फायदा नहीं मिल रहा है . मुख्यमंत्री वृद्धजन आश्रय स्थल में बुजुर्गों की सुविधा व सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आवासीय से लेकर मेडिकल सुविधा तक उपलब्ध कराई गई है . बेड के साथ पौष्टिक भोजन जीविका की रसोई के जरिए भोजन की आपूर्ति करनी है . लेकिन उद्घाटन के तीन माह बीतने के बाद भी जीविका दीदियों द्वारा रसोई के जरिये भोजन नहीं दिया जा रहा है .मेयर अरुण राय ने कहा कि इस योजना का लाभ जरुरतमंदों तक पहुंचाने को निगम प्रतिबद्ध है शहरवासियों के साथ खासकर वार्ड पार्षदों से अपील है कि वे इस जनकल्याणकारी पहल की जानकारी लोगों तक पहुंचाएं ताकि कोई लाभार्थी वंचित नहीं रहे. नागरिकों के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक व खुशहाल जीवन का नया अध्याय है. हम चाहते हैं कि कोई भी बुजुर्ग अपने जीवन के इस चरण में अकेला या असहाय नहीं महसूस करें .डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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