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Madhubani News : एइएस व जेइ के संभावित खतरों से निपटने की तैयारी में जुटा विभाग

Updated at : 26 Mar 2025 10:18 PM (IST)
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Madhubani News : एइएस व जेइ के संभावित खतरों से निपटने की तैयारी में जुटा विभाग

स्वास्थ्य विभाग एइएस व जेइ के संभावित खतरों से निपटने की तैयारी में जुट गया है.

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मधुबनी.

स्वास्थ्य विभाग एइएस व जेइ के संभावित खतरों से निपटने की तैयारी में जुट गया है. इसी कड़ी में अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से सिविल सर्जन, डीपीएम, एवं कार्यक्रम पदाधिकारी को आवश्यक निर्देश दिया. सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र ने कहा कि एसीएस के निर्देश के आलोक में स्वास्थ्य संस्थानों को अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया गया है. उन्होंने कहा कि चमकी बुखार व मस्तिष्क ज्वर का कुशल प्रबंधन जरूरी है. प्रारंभिक अवस्था में रोग की पहचान व इलाज से जानमाल की क्षति को काफी हद तक कम किया जा सकता है. लिहाजा इसे लिए स्वास्थ्य अधिकारी व कर्मियों को विशेष तौर पर सतर्क रहने की जरूरत है.

रोग के लिहाज से अप्रैल से जून का महीना बेहद संवेदनशील

सिविल सर्जन ने कहा कि अप्रैल से लेकर जून का महीना रोग के प्रसार के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जाता है. यह रोग खासतौर पर 1 से 15 साल तक के बच्चों को प्रभावित करता है. उन्होंने कहा कि चमकी बुखार व मस्तिष्क ज्वर के संभावित खतरे से प्रभावी तौर पर निपटने इसकी रोकथाम व प्रबंधन के साथ-साथ संबंधित मामलों को प्रतिवेदित करने के लिये स्पष्ट दृष्टिकोण विकसित करना मूल उद्देश्य है. उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों को ग्रामीण स्तर पर कार्यरत एएनएम, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, जीविका दीदियों से इसकी जानकारी साझा करने का निर्देश दिया.

रोगग्रस्त बच्चों का उचित उपचार जरूरी

जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. डीएस सिंह ने कहा कि एइएस से बचाव के लिए स्वास्थ्य अधिकारी व कर्मियों को रोग प्रबंधन व उपचार से संबंधित प्रशिक्षण में विस्तृत जानकारी दी गई है. उन्होंने कहा कि सिर में दर्द, तेज बुखार, अर्ध चेतना, मरीज में पहचानने कि क्षमता नहीं होना, भ्रम कि स्थिति में होना, बेहोशी, शरीर में चमकी, हाथ व पांव में थरथराहट, रोगग्रस्त बच्चों का शारीरिक व मानसिक संतुलन बिगड़ना एइएस व जेइ के सामान्य लक्षण हैं. इन लक्षणों के दिखाई देने से पहले बुखार हो भी सकता है और नहीं भी. ऐसे मामले सामने आने पर रोग ग्रस्त बच्चों का उचित उपचार जरूरी है. लिहाजा हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर से लेकर सभी प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में रोग के उचित प्रबंधन के उद्देश्य से एइएस इमरजेंसी ड्रग किट की उपलब्धता सरकार की ओर से की जाएगी. उन्होंने ने कहा कि रोग से संबंधित गंभीर मामले सामने आने पर जरूरी उपचार के साथ उन्हें तत्काल एंबुलेंस उपलब्ध कराते हुए उच्च चिकित्सा संस्थान रेफर किया जाना जरूरी है. ताकि रोगी का समुचित इलाज संभव हो सके.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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GAJENDRA KUMAR

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By GAJENDRA KUMAR

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