सीएम से मैथिली अकादमी को फिर से सुचारु रूप देने की मांग

साहित्य अकादमी बाल पुरस्कार से सम्मानित मैथिली के सुप्रसिद्ध युवा लेखक अक्षय आनंद सन्नी ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को एक पत्र लिखा है.
मधुबनी. साहित्य अकादमी बाल पुरस्कार से सम्मानित मैथिली के सुप्रसिद्ध युवा लेखक अक्षय आनंद सन्नी ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को एक पत्र लिखा है. जिसमें उन्होंने कहा है कि बिहार की एकमात्र संवैधानिक भाषा मैथिली की समृद्ध भाषायी और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक मैथिली अकादमी पिछले कई वर्षों से निष्क्रिय पड़ी है. अकादमी की इस बदहाली के कारण मैथिली भाषा, साहित्य और संस्कृति को हो रहे भारी नुकसान चिंता का विषय है. उन्होंने पत्र के माध्यम से मुख्यमंत्री का ध्यान अकादमी की वर्तमान दयनीय स्थिति की ओर आकृष्ट करते हुए इसे पुनः सुचारु करने का आग्रह किया है. उन्होंने ने इस पत्र में इस बात पर गहरा दुख व्यक्त किया है कि अकादमी के निष्क्रिय होने से उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे मैथिली भाषा के विद्यार्थियों और शोधार्थियों को मानक पुस्तकें और शोध-पत्रिकाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं. अध्ययन-अध्यापन की सामग्री न होने से नई पीढ़ी के शैक्षणिक विकास में बड़ी बाधा आ रही है. लेखक अक्षय ने पत्र के माध्यम से कहा कि अकादमी द्वारा आयोजित होने वाली साहित्यिक गोष्ठियां, पुरस्कार और लेखकों का प्रोत्साहन बंद होने से नयी प्रतिभाएं कुंठित हो रही हैं, साथ ही, कई महत्वपूर्ण प्राचीन पांडुलिपियों और दुर्लभ पुस्तकों का प्रकाशन भी रुका हुआ है, जो मिथिला की बौद्धिक संपदा के लिए एक अपूरणीय क्षति है. साहित्यकार अक्षय ने मुख्यमंत्री से मैथिली अकादमी में रिक्त पड़े पदों पर अविलंब नियुक्ति कर प्रशासनिक ढांचे को ठीक करने, रुकी हुई प्रकाशन परियोजनाओं को फिर से शुरू करने एवं अकादमी के बजट और कार्यप्रणाली को सुदृढ़ बनाकर इसे पुनः क्रियाशील करने का आग्रह किया है.
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