घोटालेबाजों व कमीशनखोरों पर लगाम जरूरी

Published at :25 Jan 2014 4:33 AM (IST)
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घोटालेबाजों व कमीशनखोरों पर लगाम जरूरी

मधुबनीः नये सिविल सजर्न डॉ ओम प्रकाश प्रसाद को कई चुनौतियों से जूझना होगा. पिछले कई साल से कुछ स्वास्थ्यकर्मी पिछले कई साल से एक ही जगह पदस्थापित है. पूर्व के सिविल सजर्न डॉ सुधीर कुमार सिन्हा ने बड़े पैमाने पर स्वास्थ्यकर्मी का तबादला किया था. पर कुछ ही दिनों के बाद गणोश परिक्रमा कर […]

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मधुबनीः नये सिविल सजर्न डॉ ओम प्रकाश प्रसाद को कई चुनौतियों से जूझना होगा. पिछले कई साल से कुछ स्वास्थ्यकर्मी पिछले कई साल से एक ही जगह पदस्थापित है. पूर्व के सिविल सजर्न डॉ सुधीर कुमार सिन्हा ने बड़े पैमाने पर स्वास्थ्यकर्मी का तबादला किया था. पर कुछ ही दिनों के बाद गणोश परिक्रमा कर वे फिर वापस अपने जगह पर लौट आये. इस मुद्दे पर नये सिविल सजर्न को गंभीर विचार विमर्श करना होगा.

च्वाइस पोस्टिंग कराने वाले स्वास्थ्यकर्मियों की जगह नये कुशल व दक्ष कर्मी को पदस्थापित कर स्वास्थ्य सेवा में सुधार की पहल की जा सकती है. स्वास्थ्य विभाग में कई कर्मचारी व अधिकारी पिछले कई साल से एक ही जगह पदस्थापित हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवा प्रभावित होने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है.नये सिविल सजर्न ने मीडिया को यह कहकर एक शुभ संकेत दिया है कि वे ईमानदारी के साथ जिले में स्वास्थ्य सेवा में सुधार लायेंगे. कथित घोटाले व कमीशनखोरी का आरोप स्वास्थ्य विभाग में समय समय पर लगते रहे हैं. बागवानी हो या फिर डीडीटी घोटाला स्वास्थ्य विभाग पर कई गंभीर आरोप लगते रहे हैं. समाजसेवियों का मानना है कि जिले के स्वास्थ्य सेवा में आमूलचूल परिवर्तन की आवश्यकता है. चाहे सिविल सजर्न कार्यालय हो या फिर एसीएमओ कार्यालय कार्यो के निष्पादन में पारदर्शिता नये सिविल सजर्न को सुनिश्चित करना होगा.

समाजसेवी प्रेम कुमार कहते हैं कि जिला स्वास्थ्य समिति के कार्यालय में पिछले कई साल से एक ही कर्मी पदस्थापित हैं जिससे पारदर्शिता प्रभावित होने की प्रबल आशंका बनी हुई है. उन्होंने ऐसे कर्मियों के स्थानांतरण की मांग की है. हेमचंद्र का मानना है कि फूड इंस्पेक्टर कार्यालय व ड्रग इंस्पेक्टर कार्यालय को भी सुव्यवस्थित करना भी जरूरी है. स्वास्थ्य सेवा में सुधार के लिये बाधक तत्वों पर नकेल कसना होगा. महिला समाज सेवी पूनम देवी का कहना है कि पूर्व के कई सिविल सजर्न ने यहां अवैध रूप से कार्यरत स्वास्थ्यकर्मियों की सेवा समाप्त भी किया था.

पूर्व जिलाधिकारी आदेश तितरमारे ने सदर अस्पताल में बन रहे घटिया भवन निर्माण पर रोक भी लगाया था.जिले में स्वास्थ्य सेवाएं कई गंभीर समस्याओं से ग्रसित है. पीएचसी व एडिशनल पीएचसी में कई अनियमितता व्याप्त है. रेफरल अस्पतालों व स्वास्थ्य उपकेंद्रों में भी कई समस्याएं हैं. एएनएम स्कूल में महिला लिपिक की पदस्थापना अभी तक नहीं हो सकी है. कई स्वास्थ्य कार्यक्रम अपने वार्षिक लक्ष्य से कोसों दूर हैं. विकलांगता प्रमाणपत्र सहित अन्य प्रमाण पत्रों के वितरण में पारदर्शिता बनाये रखने, इंज्यूरी रिपोर्ट, आशा प्रोत्साहन योजना, स्वास्थ्य विभाग में चलाये गये प्रशिक्षणों में पारदर्शिता बनाये रखने के लिये भी नये सिविल सजर्न से लोगों को कई उम्मीदें हैं.

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