ePaper

Madhubani : जिले की 4596 जीविका दीदी बनीं उद्यमी

Updated at : 01 Apr 2025 9:39 PM (IST)
विज्ञापन
Madhubani : जिले की 4596 जीविका दीदी बनीं उद्यमी

जिले की 4596 जीविका दीदियां अपने कारोबार की शुरुआत की है.

विज्ञापन

— पीएम सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना से हो रही लाभान्वित — पापड़, दही, पनीर, जैम बनाने का लगाई है उद्योग मधुबनी . जिले की 4596 जीविका दीदियां अपने कारोबार की शुरुआत की है. प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के तहत जीविका दीदियों को पापड़, दही, पनीर, जैम आदि बनाने के लिए उद्योग लगाने के लिए लोन मुहैया कराया गया है. समझने वाली बात यह है कि उद्योग लगाने की पहल जीविका मिशन की तरफ से की गई है. साथ ही रोजगार बढ़ाने के लिए उद्योग विभाग की तरफ से सीड मनी के रूप में प्रथम चरण में उन्हें 40 हजार रुपये दिए गए हैं. इस योजना से जुड़ने के बाद जीविका दीदियों की आर्थिक स्थिति में गुणमत्मक सुधार होने की संभावना जताई जा रही है. गौरतलब है कि जिले की अधिकांश जीविका दीदियां स्वावलंबन के लिए किसी न किसी काम से जुड़ी हुई हैं. इनमे बकरी एवं गाय पालन से लेकर किराना दुकान तक, नीरा बिक्री केंद्र से लेकर बैंक में बैंक सखी की भूमिका तक निभा रही हैं. हालांकि उद्यम के क्षेत्र में जुड़ने से उन्हें पहले की अपेक्षा अत्याधिक लाभ हो रहा है. उद्योग लगाने को मिल रहा 10 लाख तक का लोन प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के तहत जीविका दीदियों को पापड़, दही, पनीर, जैम आदि बनाने के लिए उद्योग लगाने के लिए लोन मुहैया कराया जा रहा है.महिला उद्यमियों को जीविका मिशन की ओर से संबंधित उद्यम में बेहतर काम करने के लिए प्रशिक्षण भी दिया जायेगा. इस योजना के तहत कई जीविका दीदियां एक सफल उद्यमी बनने की राह पर चल भी चुकी हैं. बेहतर काम करने पर मिलेगी सब्सिडी जीविका दीदी को लोन मुहैया कराए जाने के तीन महीने के बाद उनके प्रदर्शन के आधार पर आगे की राशि उपलब्ध कराई जाती है. माइक्रो और स्मॉल स्टार के उद्योग के लिए 35 प्रतिशत अनुदान भी दिया जाता है. महिला उद्यमियों को जीविका मिशन की ओर से संबंधित उद्यम में बेहतर काम करने के लिए प्रशिक्षण भी दिया गया है. जीविका दीदियों की आर्थिक स्थिति में हो रही सुधार गौरतलब है कि जिले की अधिकांश जीविका दीदियां स्वावलंबन के लिए किसी न किसी काम से जुड़ी हुई हैं. इनमे बकरी पालन से लेकर किराना दुकान तक, नीरा बिक्री केंद्र से लेकर बैंक में बैंक सखी की भूमिका तक निभा रही हैं. हालांकि उद्यम के क्षेत्र में जुड़ने से उन्हें पहले की अपेक्षा अत्याधिक लाभ हो रहा है. क्या कहते हैं अधिकारी जीविका के जिला प्रबंधक मो. वसीम अंसारी ने कहा कि जीविकास दीदियों की आर्थिक स्थिति में सुधार आई है. उन्हें प्रशिक्षण दिलाकर आत्मनिर्भर बनाने के लिए बैंक से ऋृण उपलब्ध कराकर स्वरोजगार से जोड़ा जा रहा है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
DIGVIJAY SINGH

लेखक के बारे में

By DIGVIJAY SINGH

DIGVIJAY SINGH is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन