उत्साह के साथ मनाया गया जुड़ शीतल पर्व
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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मधुबनी : जुड़ शीतल का पर्व मंगलवार को जिले में पारंपरिक तरीके से मनाया गया. लोगों ने इस अवसर पर सत्तू खाया. गरीब ब्राह्मणों को वस्त्र आदि दान में दिया. पर्व को लेकर बच्चों में काफी उत्साह था. अपने से छोटे उम्र के लोगों के सिर पर जल डालकर उन्हें आशीर्वाद दिया गया. जुड़ शीतल […]
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मधुबनी : जुड़ शीतल का पर्व मंगलवार को जिले में पारंपरिक तरीके से मनाया गया. लोगों ने इस अवसर पर सत्तू खाया. गरीब ब्राह्मणों को वस्त्र आदि दान में दिया. पर्व को लेकर बच्चों में काफी उत्साह था. अपने से छोटे उम्र के लोगों के सिर पर जल डालकर उन्हें आशीर्वाद दिया गया. जुड़ शीतल पर्व के अवसर पर सभी संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल गश्त लगाती रही. पर्व के दिन लोगों ने खास व्यंजनों का आनंद लिया.
शहर के महराजगंज स्थित शीतला मैया मंदिर में विशेष पूर्जा-अर्चना की गयी. शहर के पंजाबी समुदाय के लोगों ने इसे बैशाखी पर्व के रूप में मनाया. ग्रामीण क्षेत्रों में कुछ जगहों पर यह पर्व बुधवार को मनाया जायेगा. जुड़ शीतल पर्व के अवसर पर दिन भर शुभकामना देने का सिलसिला जारी रहा. समाहरणालय में नियंत्रण कक्ष से विभिन्न प्रखंडों से विधि व्यवस्था की जानकारी ली जाती रही. जिला नियंत्रण कक्ष में चिकित्सक और एंबुलेंस की व्यवस्था की गयी थी. अप्रिय घटना को रोकने के लिए दिन भर चौकसी बरती गयी. जगह-जगह शांति कमेटी का भी गठन किया गया.
पतंगबाजी प्रतियोगिता होगी
शहर के महराजगंज सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बुधवार को पतंग प्रतियोगिता आयोजित की जायेगी. इसकी तैयारियां जोरों पर है. युवाओं और बच्चों में पंतगबाजी को लेकर काफी उत्साह है.
होगा धुड़खेल
बुधवार को ही जगह-जगह मिट्टी और कीचड़ एक दूसरे पर डालकर लोग धुड़खेल को अंजाम देंगे. वे झाड़ियों में छोटे छोटे जानवरों का शिकार करने की परंपरा को जीवित रखने की पहल करेंगे.
राजनगर प्रतिनिधि के अनुसार : जुड़ शीतल के मौके पर धुड़खेल को लेकर राजनगर प्रशासन व पुलिस संवेदनशील जगहों पर गश्ती बढ़ा दी है.
रात भर लगातार गश्त की जा रही है. जहां आम लोग जुड़शीतल को लेकर बाजारों में खरीदारी में व्यस्त थे वहीं पुलिस प्रशासन शांति समिति की बैठक कर लोगों से शांति और सौहार्दपूर्ण पर्व मनाने की अपील की. बताते चले कि जुड़ शीतल के दो दिनी पर्व में पहले दिन देवताओं और पीतरों (पूर्वजों) को खुश करने के लिए पूजा पाठ किया जाता है. पूर्वजों के समाधि पर मिट्टी के वर्तन में शीतल पानी डाला जाता है.
इस बाबत थाना प्रभारी सत्येंद्र कुमार गुप्ता बताते है कि धुड़खेल को लेकर प्रशासन काफी सतर्क हो गयी है. शांति समिति की बैठक कर लोगों में शौहार्दपूर्ण बनाने की प्रयास किया जा रहा है. झंझारपुर प्रतिनिधि के अनुसार, मिथिला की पौराणिक परपंरा से लबरेज पर्व जूड़शीतल मंगलवार को उत्साह के साथ मनाया गया.
सुबह से ही बड़ों ने अपने घरों के छोटे पर के सिर पर ठढ़े जल से जूड़ा (भीगोकर) आशीष दिया. इसके अलावा मान्यता के मुताबिक चने के सत्तू का भेग लगाकर सभी के बीच सत्तू व गुड़ का प्रसाद दिया गया. आम के टीकोले की पहली चटनी भी आज के दिन से ही खाने की परंपरा है.
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