कई जगह सम्मानित हो चुका था फर्जी आईआरएस रोहित
Updated at : 03 Jul 2018 5:28 AM (IST)
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मधुबनी : लुआही थाना के नरार गांव के फर्जी आईआरएस अधिकारी रोहित कुमार सिंह की गिरफ्तारी में सदर एसडीओ सुनील कुमार सिंह ने काफी सूझ बूझ से काम लिया और अंतत: रविवार की शाम में उसे कलुआही थाना पर गिरफ्तार कर लिया. सदर एसडीओ सुनील कुमार सिंह ने बताया कि यह फर्जी अधिकारी अपने को […]
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मधुबनी : लुआही थाना के नरार गांव के फर्जी आईआरएस अधिकारी रोहित कुमार सिंह की गिरफ्तारी में सदर एसडीओ सुनील कुमार सिंह ने काफी सूझ बूझ से काम लिया और अंतत: रविवार की शाम में उसे कलुआही थाना पर गिरफ्तार कर लिया. सदर एसडीओ सुनील कुमार सिंह ने बताया कि यह फर्जी अधिकारी अपने को भारतीय राजस्व सेवा का अधिकारी बताकर पूर्व में कई जगह सम्मानित हो चुका है.
सम्मानित होने वाले खबर की अखबार कटिंग वह अपने मोबाइल में रखता था और उस अखबार के कटिंग का दुरुपयोग वह अपने गर्ल फ्रेंडस को झांसा देने के लिए करता था.
जानकारी के अनुसार 22 वर्षीय फर्जी अधिकारी रोहित कुमार अविवाहित था और एक साथ लगभग दो दर्जन महिला मित्रों के संपर्क में था. अपने गरीबी का झांसा देकर वह फर्जी अधिकारी महिला मित्रों से रुपयों की भी मांग करता था.
रविवार को ही उसे एक महिला मित्र के द्वारा 20 हजार रुपये की राशि उसके खाते में आयी थी. मिली जानकारी के अनुसार लगभग 25 दिन पूर्व वह अपने पैतृक आवास कलुआही के नरार गांव पहुंचा. वहां कलुआही थाना को झांसे में लेकर वह कलुआही थाना के एक चौकीदार को अपने बॉडीगार्ड के रूप में रख लिया. लगभग 15 दिन पूर्व उक्त फर्जी अधिकारी सदर एसडीओ कार्यालय में आकर एसडीओ सदर को बताया कि उनके जमीन पर बिजली का पोल गाड़ दिया गया है. एसडीओ आईआरएस अधिकारी होने के नाते उक्त फर्जी अधिकारी रोहित का सम्मान करते थे. उक्त फर्जी अधिकारी को ठगी करते हुए इतना मन बढ़ चुका था कि वह जिले के डीएम शीर्षत कपिल अशोक व तमाम वरीय पदाधिकारियों से मिल चुका था और अपने अधिकारी होने के रुतबे का फायदा उठाता था.
रोहित सिंह की सफलता को भुनाया. वर्ष 2016 के यूपीएससी परीक्षा में कलुआही नरार का रोहित कुमार सिंह जिसके पिता दिल्ली के पंजाबी बा से सेल्समैन का कार्य करता था वो दिल्ली से यूपीएससी की परीक्षा में शामिल हुआ. प्रारंभिक परीक्षा तो उतीर्ण हो गया पर मुख्य परीक्षा में वह सफल नहीं हो सका था. पर उसी बैच में यूपी के ही एक छात्र जिसका नाम रोहित सिंह था वह सफल हुआ था. उसका रैंक 782 था और व इंडियन रेवेन्यू सर्विस में चुना गया था. उसी रोहित सिंह के नाम पर उसने गांव एवं दिल्ली सहित अन्य जगहों पर अपने को आईआरएस अधिकारी के नाम पर परिचय देकर ठगी का कार्य करने लगा.
बस में दिल्ली जाने का लिया था टिकट. फर्जी आईआरएस अधिकारी रोहित कुमार सिंह जयनगर से दिल्ली जाने वाले बस में अपना व अपने माता-पिता का टिकट कटाया था. रविवार के दोपहर में वह सदर एसडीओ के आवास पर पहुंचा और बताया कि उसने दिल्ली जाने का टिकट बस का लिया है.
सदर एसडीओ ने कहा कि इतनी दूर का सफल बस से करने में परेशानी होगी वेटिंग टिकट ट्रेन का ले लें और उसके बाद कन्फर्म कराने का प्रयास किया जाएगा. फिर उन्होंने रेलवे के एक बड़े अधिकारी जो मुगलसराय में पदस्थापित है से संपर्क किया. जानकारी के अनुसार रेलवे के उक्त पदाधिकारी ने ही उन्हें बताया कि उक्त आईआरएस अधिकारी रोहित कुमार सिंह फर्जी आईआरएस अधिकारी बनकर दिल्ली समेत कई राज्यों में ठगी का कार्य कर चुका है.
वर्ष 2016 में चयनित रोहित सिंह नागपुर में ट्रेनिंग ले रहा है. सदर एसडीओ ने नागपुर में आईआरएस के ट्रेनिंग सेंटर में भी फोन कर उक्त आईआरएस अधिकारी रोहित सिंह से बात कर पुष्टि की. तब एसडीओ ने एसपी दीपक बरनवाल से बात कर सदर एसडीओ कामनी बाला के साथ कलुआही थाना पहुंचे वहां उक्त फर्जी आईआरएस अधिकारी को बुलाकर पूछताछ की व सच्चाई सामने आई. उक्त फर्जी अधिकारी
रोहित कुमार सिंह को गिरफ्तार कर सोमवार को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया.
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