दहेजमुक्त विवाह की मिसाल: बाबा सिंहेश्वर नाथ के दरबार में सादगी से बंधे दो शिक्षित परिवार

Published by : Divyanshu Prashant Updated At : 17 May 2026 11:55 AM

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नवविवाहित जोड़ी

मधेपुरा के बीपी मंडल इंजीनियरिंग कॉलेज की प्रोफेसर स्वाति प्रिया और सहरसा के अतिथि शिक्षक डॉ. सुमंत राव ने बाबा सिंहेश्वर नाथ मंदिर में सादगी से दहेजमुक्त विवाह किया. फिजूलखर्ची और दिखावे से दूर इस शादी की पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है.

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मधेपुरा से कुमार आशीष की रिपाेर्ट: आज के आधुनिक दौर में जहां शादियां भव्य सजावट, महंगे टेंट, कैटरिंग और लाखों रुपये की फिजूलखर्ची के साथ-साथ स्टेटस सिंबल (आर्थिक प्रदर्शन) का माध्यम बनती जा रही हैं, वहीं मधेपुरा और सहरसा के दो उच्च शिक्षित परिवारों ने अनूठी पहल की है. दोनों परिवारों ने बेहद सादगीपूर्ण और पूरी तरह से दहेजमुक्त विवाह कर समाज के सामने एक नई व अनुकरणीय मिसाल पेश की है. मधेपुरा के सुप्रसिद्ध बाबा सिंहेश्वर नाथ मंदिर के पावन दरबार में वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ यह आदर्श विवाह संपन्न हुआ.

उच्च शिक्षित हैं दूल्हा-दुल्हन

इस आदर्श विवाह के बंधन में बंधे वर-वधू दोनों ही शिक्षा जगत से जुड़े हैं:

  • दुल्हन: स्वाति प्रिया, बीपी मंडल कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (मधेपुरा) में प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं. वे मधेपुरा जिले के मुरलीगंज प्रखंड स्थित खाड़ी गांव निवासी भूपेंद्र नारायण यादव एवं ललिता यादव की पुत्री हैं. स्वाति अपने तीन बहनों और एक भाई में सबसे छोटी हैं.
  • दूल्हा: डॉ. सुमंत राव उर्फ बबलू सम्राट, भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय (BNMU) के अंतर्गत राजेंद्र मिश्र महाविद्यालय, सहरसा में अतिथि शिक्षक (गेस्ट फैकल्टी) के रूप में कार्यरत हैं. वे सहरसा जिले के सौरबाजार प्रखंड अंतर्गत चंदौर निवासी अवकाश प्राप्त शिक्षक दिवंगत बालकृष्ण यादव के पुत्र हैं और अपने दो भाइयों व एक बहन में सबसे छोटे हैं.

शादी में नहीं हुआ दिखावा, समाज को दिया सकारात्मक संदेश

इस विवाह समारोह की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि दोनों पक्षों ने शादी को तामझाम और फिजूलखर्ची से कोसों दूर रखा. विवाह में न तो कोई भव्य टेंट-पंडाल लगाया गया था और न ही कैटरिंग पर लाखों रुपये बहाए गए. बेहद शांत और सादगीपूर्ण वातावरण में दोनों परिवारों के चुनिंदा सदस्यों की मौजूदगी में पारंपरिक विधि-विधान के साथ शादी संपन्न कराई गई.

दोनों परिवारों ने समाज को यह संदेश देने का प्रयास किया है कि शादी का वास्तविक उद्देश्य दो परिवारों की संस्कृति और दो दिलों का पवित्र मिलन होता है, न कि धन-दौलत का दिखावा. इस सराहनीय पहल की चर्चा अब पूरे कोसी क्षेत्र में हो रही है.

शिक्षित परिवारों की सोच बनी प्रेरणा का विषय

वर और वधू दोनों ही प्रबुद्ध और रसूखदार परिवारों से आते हैं. स्वाति प्रिया के बड़े जीजाजी संदीप यादव युवा राजद के प्रदेश महासचिव हैं, जबकि उनकी बड़ी बहन प्रेमलता भूपाश्री पटना साइबर थाना में इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हैं.

पारिवारिक सदस्यों ने इस मौके पर कहा कि समाज में कुरीतियों के खिलाफ बदलाव तभी संभव है, जब शिक्षित और सक्षम लोग स्वयं आगे बढ़कर उदाहरण प्रस्तुत करें. स्थानीय बुद्धिजीवियों और ग्रामीणों का कहना है कि बिना दहेज और बिना किसी तामझाम के संपन्न हुआ यह विवाह आज के युवाओं और अभिभावकों के लिए एक मार्गदर्शक की भूमिका निभाएगा.

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