दो-दो विश्वविद्यालय की जिम्मेदारी संभाल रहे वीसी, निर्देशों के बाद बढ़ी पाबंदीं

दो-दो विश्वविद्यालय की जिम्मेदारी संभाल रहे वीसी, निर्देशों के बाद बढ़ी पाबंदीं
मधेपुरा. राज्यपाल सचिवालय बिहार के निर्देश के बीच अब उन कुलपतियों की भूमिका और संवेदनशील हो गयी है, जो एक साथ दो विश्वविद्यालयों का प्रभार संभाल रहे हैं. इसी कड़ी में भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय (बीएनएमयू) के कुलपति डॉ प्रो वीएस झा फिलहाल तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय का भी अतिरिक्त प्रभार देख रहे हैं. राज्यपाल सचिवालय के निर्देश के अनुसार, कार्यवाहक या अतिरिक्त प्रभार में कार्यरत कुलपति किसी भी प्रकार के नीतिगत निर्णय नहीं ले सकते. ऐसे में बीएनएमयू और भागलपुर विश्वविद्यालय दोनों जगह प्रशासनिक फैसलों पर इसका सीधा असर पड़ेगा. फैसलों पर लगेगा ब्रेक निर्देश के बाद अब नई नियुक्ति, तबादला, वित्तीय स्वीकृति, निर्माण कार्य या टेंडर जैसे अहम फैसले बिना कुलाधिपति की पूर्व अनुमति के नहीं हो सकेंगे. इससे प्रभार वाले विश्वविद्यालयों में चल रही या प्रस्तावित प्रक्रियाएं धीमी पड़ सकती हैं. प्रशासनिक कामकाज तक सीमित भूमिका सूत्रों के अनुसार अब कुलपति की भूमिका मुख्यतः दैनिक प्रशासनिक कार्यों तक सीमित रहेगी. यदि किसी जरूरी निर्णय की स्थिति बनती है, तो उसे पहले कुलाधिपति से अनुमोदन लेना होगा. असर दोनों विश्वविद्यालयों पर विशेषज्ञों का मानना है कि एक ही कुलपति के पास दो विश्वविद्यालयों की जिम्मेदारी होने और साथ ही नीतिगत फैसलों पर रोक के कारण प्रशासनिक गति प्रभावित हो सकती है. खासकर नियुक्ति, परीक्षा प्रबंधन और विकास योजनाओं पर इसका असर दिख सकता है हालांकि, सचिवालय ने स्पष्ट किया है कि निर्देशों का कड़ाई से पालन जरूरी है, ताकि विश्वविद्यालयों में पारदर्शिता और नियमों का अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके.
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लेखक के बारे में
By कुमार आशीष
कुमार आशीष 15 वर्षों से प्रभात खबर समूह के साथ पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं. दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक और भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से जनसंचार में डिग्री प्राप्त करने के बाद इन्होंने राजनीति, अपराध और कोसी अंचल की रिपोर्टिंग में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पिछले पांच वर्षों से सक्रिय हैं. पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए इन्हें नेपाल में 'अंतरराष्ट्रीय मैथिली युवा पत्रकारिता सम्मान' से नवाजा जा चुका है.
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