बेटा-बेटी में नहीं करना चाहिए भेदभाव

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बेटा-बेटी में नहीं करना चाहिए भेदभाव

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मुरलीगंज. महिला व बाल विकास निगम के निदेशानुसार सोमवार को बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत बाल विवाह मुक्त अभियान चलाया गया. इस क्रम में बाल विकास परियोजना, मुरलीगंज अंतर्गत संथाली टोला स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-58 व उत्क्रमित मध्य विद्यालय मीरागढ़ में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. जिला परियोजना प्रबंधक अमन कुमार झा ने कहा कि बाल विवाह समाज के लिए एक अभिशाप है. उन्होंने बताया कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत बैंड, बाजा, बाराती व सराती सभी कानूनी दायरे में आते हैं. इस अधिनियम के उल्लंघन पर दो वर्ष का सश्रम कारावास अथवा एक लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों का प्रावधान है. लैंगिक विशेषज्ञ राजेश कुमार ने घरेलू हिंसा, दहेज प्रथा व लैंगिक हिंसा जैसे सामाजिक मुद्दों पर जानकारी दी. वहीं वित्तीय साक्षरता विशेषज्ञ अभिमन्यु कुमार ने कहा कि समाज में बेटा-बेटी में कोई भेद नहीं होना चाहिये और सभी को समान शिक्षा मिलनी चाहिये. प्रखंड समन्वयक आशीष कुमार ने मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना व प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की भूमिका बताते हुए कहा कि इन योजनाओं के तहत क्रमशः दो हजार व पांच हजार रुपये की सहायता राशि दी जाती है. मौके पर सेविका रेशमी, सुनीता, मंजुला आदि उपस्थित थीं.

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कुमार आशीष

लेखक के बारे में

By कुमार आशीष

कुमार आशीष 15 वर्षों से प्रभात खबर समूह के साथ पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं. दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक और भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से जनसंचार में डिग्री प्राप्त करने के बाद इन्होंने राजनीति, अपराध और कोसी अंचल की रिपोर्टिंग में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पिछले पांच वर्षों से सक्रिय हैं. पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए इन्हें नेपाल में 'अंतरराष्ट्रीय मैथिली युवा पत्रकारिता सम्मान' से नवाजा जा चुका है.

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